भारतीय ऑलराउंडर विजय शंकर ने तमिलनाडु क्रिकेट टीम से अलग होने का फैसला किया है। 2025-26 घरेलू सीज़न की शुरुआत से पहले उन्होंने TNCA से NOC लेकर नया राज्य चुन लिया है, जहां वो अब सभी फॉर्मेट्स में खेलने की कोशिश करेंगे।
क्यों लिया फैसला?
शंकर हाल ही में TNCA प्रेसिडेंट्स इलेवन की तरफ से बुच्ची बाबू टूर्नामेंट में खेले थे, लेकिन फिर अगले राउंड में उन्हें ड्रॉप कर दिया गया। रणजी ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली में भी उन्हें सीमित मौके मिल रहे थे। ऐसे में उन्होंने नियमित खेल पाने के लिए टीम बदलने का फैसला किया।
13 साल का सफर खत्म
तमिलनाडु के लिए शंकर ने 13 साल तक खेला। इस दौरान उन्होंने टीम को विजय हज़ारे, देवधर और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई। वो लंबे समय तक मिडिल ऑर्डर की रीढ़ रहे।
शानदार रणजी रिकॉर्ड
विजय ने तमिलनाडु के लिए 81 रणजी मैचों में 3,142 रन बनाए, औसत रहा 44.25। उन्होंने 11 शतक और 16 अर्धशतक लगाए। 43 विकेट भी अपने नाम किए। 2014-15 उनका बेस्ट सीज़न रहा – 577 रन सिर्फ 11 पारियों में।
नई स्किल्स, नया रोल
पिछले सीज़न में उन्होंने चंडीगढ़ के खिलाफ नाबाद 150 रन बनाए थे। साथ ही TNPL में उन्होंने खुद को मिस्ट्री स्पिनर के तौर पर डेवलप किया। वरुण चक्रवर्ती के साथ काम करके उन्होंने कैरेम बॉल और रॉन्ग’अन्स जैसे हथियार सीख लिए हैं।
सीनियर खिलाड़ियों का पलायन
विजय से पहले उनके TNPL कप्तान बी. अपराजित ने भी तमिलनाडु छोड़कर केरल का रुख कर लिया था। यह दिखाता है कि टीम में सीनियर प्लेयर्स को लेकर बदलाव का दौर चल रहा है।
नया टैलेंट तैयार
विजय की जगह टीम में 18 वर्षीय आरएस अम्बरीश को लिया गया है। उन्होंने इंडिया U-19 टीम के लिए इंग्लैंड टूर पर अच्छा प्रदर्शन किया था। CSK अकादमी में भी वो रुतुराज गायकवाड़ के साथ ट्रेनिंग कर चुके हैं।
टीम की चुनौतियाँ
तमिलनाडु की टीम फिलहाल चोटों से जूझ रही है। आर साई किशोर हाथ की चोट से उबर रहे हैं और अजित राम लंबी छुट्टी पर हैं। टीम के पास नया हेड कोच (एम. सेंथिलनाथन) और बॉलिंग कोच (टी. कुमारन) है जो इस बदलाव को मैनेज करने की कोशिश में हैं।
आगे की राह
विजय शंकर के लिए ये एक नया अध्याय है – नए राज्य, नई जिम्मेदारी और शायद एक नई भूमिका के साथ। घरेलू क्रिकेट में फिर से खुद को साबित करने का यह उनके लिए बेहतरीन मौका हो सकता है।