इरफ़ान पठान का पुराना बयान वायरल, मैं हुक्का लगाने वालों में से नहीं – धोनी पर तंज या सच्चाई?

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Irfan Pathan

इरफ़ान पठान का 2020 में दिया गया इंटरव्यू एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां उन्होंने 2008 में एमएस धोनी से अपनी भूमिका को लेकर बातचीत की थी।

धोनी से सीधा सवाल

इरफ़ान ने बताया कि जब मीडिया में उनकी गेंदबाज़ी को लेकर सवाल उठे, तो उन्होंने धोनी से पूछा – “क्या मुझसे कुछ समस्या है?” जवाब मिला – “सब ठीक है, प्लान के हिसाब से चल रहा है।”

हुक्का और खुशामद वाली टिप्पणी

इस इंटरव्यू में इरफ़ान ने कहा:

“मैं उन खिलाड़ियों में से नहीं हूं जो हुक्का लगाने या कमरे में जाकर खुशामद करने वालों में गिने जाएं। मैं सिर्फ अपने खेल पर ध्यान देता हूं।”

सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

  • समर्थक: इरफ़ान को सही मौका नहीं मिला।
  • आलोचक: धोनी के खिलाफ बयानबाज़ी करने का यह सही तरीका नहीं।
  • न्यूट्रल: यह उनका व्यक्तिगत अनुभव और नजरिया है।

करियर पर असर

  • 2004 में हैट्रिक से लेकर 2012 तक टीम का अहम हिस्सा रहे।
  • 120 वनडे में 173 विकेट और 29 टेस्ट में 100 विकेट लिए।
  • आज वे एक सफल कमेंटेटर और युवाओं के मेंटर हैं।

इरफ़ान पठान की यह टिप्पणी टीम इंडिया की चयन प्रक्रिया और भीतर की राजनीति पर एक बार फिर बहस छेड़ देती है। यह भी याद रखना ज़रूरी है कि हर खिलाड़ी की यात्रा अलग होती है और हर अनुभव एक नया दृष्टिकोण देता है।

FAQs

इरफ़ान पठान ने आखिरी वनडे कब खेला?

2012 में उन्होंने भारत के लिए आखिरी वनडे खेला था।

2008 में इरफ़ान ने किससे बातचीत की थी?

उन्होंने कप्तान एमएस धोनी से अपनी गेंदबाज़ी पर चर्चा की थी।

हुक्का वाली टिप्पणी किस संदर्भ में थी?

इरफ़ान ने कहा कि वे खुशामद नहीं करते, मैदान पर परफॉर्म करते हैं।

इरफ़ान पठान की टेस्ट हैट्रिक कब आई थी?

2004 में पाकिस्तान के खिलाफ।

इरफ़ान अब क्या कर रहे हैं?

वे कमेंटेटर और क्रिकेट विश्लेषक की भूमिका निभा रहे हैं।

Ehtesham Aarif

Ehtesham Arif is a cricket content writer at SportsJagran.com with over 2 years of experience. He specializes in match previews, player analysis, and tournament coverage. His deep interest in the game reflects in his accurate and engaging reporting.

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