एशिया कप में पावरप्ले में स्पिनर्स को मदद नहीं – वरुण चक्रवर्ती का बयान

Published On:
Varun Chakravarthy

भारत के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने खुलासा किया है कि एशिया कप 2025 में शुरुआत की पिचें स्पिनर्स के लिए अनुकूल नहीं रही हैं। उन्होंने कहा कि पावरप्ले या उसके तुरंत बाद गेंदबाज़ी करना काफी चुनौतीपूर्ण है।

इकॉनमी अच्छी, लेकिन विकेट कम

वरुण ने अब तक 4 मैचों में 4 विकेट लिए हैं और उनकी इकॉनमी सिर्फ 5.85 रही है। हालांकि उन्होंने माना कि कई बार कैच छूटने की वजह से उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिल पाई।

क्यों नहीं मिल रहा टर्न?

वरुण के मुताबिक —
“गेंद जितनी हार्ड रहती है, स्पिनर्स को उतना कम टर्न मिलता है। पावरप्ले में खासकर हालात मुश्किल हो जाते हैं। लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है और गेंद सॉफ्ट होती है, स्पिनर्स को पिच से फायदा मिलना शुरू होता है।”

पावरप्ले में सिर्फ विकेट टारगेट

वरुण का कहना है कि पावरप्ले में रन रोकने से ज्यादा जरूरी विकेट निकालना है।
“मैं हमेशा उस एक गेंद की तलाश करता हूं जो बैट्समैन से गलती करवा दे। भले ही रन पड़ जाएं, लेकिन विकेट पावरप्ले में बहुत मायने रखते हैं।”

पुरानी गेंद से फायदा

बांग्लादेश के खिलाफ मैच का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआत में गेंद सिर्फ स्किड कर रही थी, लेकिन जैसे ही बॉल पुरानी हुई, टर्न और ग्रिप मिलनी शुरू हो गई। इसी वजह से उनकी गेंदबाज़ी असरदार हो सकी।

फाइनल की तैयारी

भारत ने बांग्लादेश को 41 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अब 28 सितंबर को दुबई में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे। वरुण चक्रवर्ती का रोल इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में बेहद अहम रहेगा।

FAQs

क्या वरुण चक्रवर्ती पावरप्ले में गेंदबाज़ी पसंद करते हैं?

नहीं, वह पावरप्ले में गेंदबाज़ी को चुनौतीपूर्ण मानते हैं।

क्या पुरानी गेंद से स्पिनर्स को मदद मिल रही है?

हां, वरुण के अनुसार पुरानी गेंद से पिच पर ग्रिप मिलती है।

वरुण ने अब तक कितने विकेट लिए एशिया कप 2025 में?

उन्होंने 4 मैचों में 4 विकेट लिए हैं।

भारत का फाइनल किससे है और कब है?

फाइनल पाकिस्तान से 28 सितंबर को दुबई में है।

पावरप्ले में वरुण का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?

विकेट लेना, भले ही कुछ रन चले जाएं।

Leave a Comment