आज़ाद चयन या अराजकता? ईशान से श्रेयस तक, बर्बादी की कहानी बनते जा रहे हैं भारतीय चयन फैसले

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Hardik Pandya

अजीत आगरकर की अगुआई में बनी भारतीय चयन समिति पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक के बाद एक कई खिलाड़ी या तो सिस्टम से गायब हो रहे हैं या फिर बेवजह बेंच पर बैठाए जा रहे हैं। चाहे ईशान किशन हों, श्रेयस अय्यर, रिंकू सिंह या संजू सैमसन—हर नाम एक अनजानी राजनीति का शिकार लगता है।

परफॉर्म किया

ईशान किशन ने DY पाटिल, बुची बाबू और इंडिया A तक में खेला। वनडे में डबल सेंचुरी भी उनके नाम है। फिर भी कहा जाता है—”और खेलने की जरूरत है।” दूसरी तरफ, टेस्ट खेले बिना ध्रुव जुरेल को जगह मिलती है। ईशान ने बस इतना किया था कि उन्होंने आराम मांगा था—लंबे बेंच टाइम और ट्रैवल के बाद।

श्रेयस का अजीब सफर

वर्ल्ड कप 2023 में श्रेयस अय्यर हीरो रहे। लेकिन पीठ की चोट का ज़िक्र करते ही उन्हें ‘कमिटमेंट’ के नाम पर बाहर कर दिया गया। फिर कॉन्ट्रैक्ट से भी हटा दिया गया। IPL में शानदार वापसी की, रणजी खेला, पंजाब के खिलाफ रन बनाए—फिर भी उन्हें स्टैंडबाय लिस्ट तक में जगह नहीं मिली।

बेंच पर बरबाद हुए मौके

सरफराज़ खान और अभिमन्यु ईश्वरन जैसे खिलाड़ियों ने लगातार घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन किया। लेकिन सरफराज़ को डेब्यू के लिए सालों इंतजार करना पड़ा और ईश्वरन तो विदेश दौरों पर बस टीम के साथ घूमते रह गए—बिना एक टेस्ट खेले।

रिंकू और संजू: सिर्फ T20 के लिए?

रिंकू सिंह ने लिस्ट A और फर्स्ट क्लास में दम दिखाया है, लेकिन उन्हें सिर्फ T20 स्पेशलिस्ट बना दिया गया है। वहीं संजू सैमसन के रोल को लेकर कभी कोई स्पष्टता नहीं रही—कभी ओपनर, कभी फिनिशर, फिर बाहर।

ऋतुराज की अनदेखी

ऋतुराज गायकवाड़ लगातार घरेलू रन मशीन बने हुए हैं, लेकिन मौके बेहद सीमित मिलते हैं। ऐसा लगता है जैसे घरेलू परफॉर्मेंस अब केवल रिकॉर्ड बुक्स में रह गया है, चयनकर्ताओं की नजर में नहीं।

शमी भी बाहर

मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज़ को भी अब चयन की राजनीति झेलनी पड़ रही है। उन्होंने खुले तौर पर अपनी नाराज़गी जताई, और शायद इसी वजह से अब वो प्राथमिकता में नहीं हैं।

फैसले या भ्रम?

हर खिलाड़ी की कहानी एक ही बात बताती है—कोई स्पष्ट नीति नहीं है। चयन कभी परफॉर्मेंस पर, कभी इमोशन पर और कई बार शायद पसंद-नापसंद पर होता है। इससे खिलाड़ियों में असमंजस और टीम में अस्थिरता बढ़ रही है।

क्या एक नई टीम बन जाएगी?

अगर यही चलता रहा, तो जल्द ही भारत की ‘अनदेखी टैलेंट XI’ एक ऐसी टीम बन जाएगी जो मेन स्क्वाड को भी टक्कर दे सकेगी। टैलेंट की भारत में कमी नहीं है, पर सिस्टम की सोच और ईमानदारी पर अब सवाल उठने लगे हैं।

FAQs

ईशान किशन को क्यों नहीं चुना गया?

चयनकर्ता ने कहा उन्हें और घरेलू प्रदर्शन की ज़रूरत है।

श्रेयस अय्यर को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से क्यों हटाया गया?

चोट के बाद डोमेस्टिक से दूरी को वजह बताया गया।

सरफराज़ खान का डेब्यू इतना देर से क्यों हुआ?

चयन में देरी और प्राथमिकता ना मिलने से।

रिंकू सिंह को सिर्फ T20 स्पेशलिस्ट क्यों माना गया?

हालांकि उनका रिकॉर्ड बेहतर है, पर भूमिका तय नहीं की गई।

क्या चयनकर्ताओं पर निजी पसंद-नापसंद का असर है?

हां, कई मामलों में ऐसा प्रतीत होता है।

Ehtesham Aarif

Ehtesham Arif is a cricket content writer at SportsJagran.com with over 2 years of experience. He specializes in match previews, player analysis, and tournament coverage. His deep interest in the game reflects in his accurate and engaging reporting.

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