रणजी को क्यों नज़रअंदाज़ कर रहे हो? – मदन लाल का BCCI और चयनकर्ताओं पर सीधा सवाल

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1983 World Cup-Winner

भारत की घरेलू ज़मीन पर दक्षिण अफ्रीका से 0-2 की टेस्ट सीरीज़ हार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इन्हीं सवालों के बीच 1983 वर्ल्ड कप विजेता मदन लाल ने सबसे अहम मुद्दा उठाया है — टेस्ट क्रिकेट और रणजी ट्रॉफी की अनदेखी।

गंभीरता की कमी

मदन लाल का कहना है कि आज के खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट को उस गंभीरता से नहीं लेते जैसे पहले लेते थे। उन्होंने कहा, “IPL की वजह से खिलाड़ियों की मानसिकता बदल गई है। हर गेंद पर रन बनाने की आदत अब टेस्ट में भी घुस गई है।”

चयन प्रणाली पर सवाल

सबसे बड़ा आरोप उन्होंने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत आगरकर और BCCI पर लगाया। उनका कहना है कि जब खिलाड़ियों का चयन IPL के प्रदर्शन के आधार पर होना है, तो फिर रणजी ट्रॉफी का क्या महत्व रह गया?

“रणजी जैसे टूर्नामेंट आपको ऐसे बल्लेबाज़ देते हैं जो 100-150 रन की लंबी पारियां खेल सकते हैं। अगर उनको ही नज़रअंदाज़ कर दिया जाएगा, तो फिर टेस्ट क्रिकेट को बचाएगा कौन?”

घरेलू सितारों की उपेक्षा

मदन लाल ने उन खिलाड़ियों की ओर इशारा किया जो लगातार फर्स्ट क्लास क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन फिर भी टीम इंडिया से दूर हैं। जैसे सरफराज खान, जो लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में रनों की झड़ी लगा रहे हैं। अभिमन्यु ईश्वरन जैसे तकनीकी तौर पर मजबूत ओपनर और रिंकू सिंह जैसे फिनिशर को भी उन्होंने मिसाल के तौर पर बताया।

सिस्टम की गलती

जहां टेस्ट सीरीज़ हार के बाद कोच गौतम गंभीर पर सीधा हमला हो रहा है, वहीं मदन लाल ने कहा कि ये सिर्फ कोच की नहीं, बल्कि पूरी सिस्टम की विफलता है। “कोच को हटाना सबसे आसान तरीका होता है, लेकिन खिलाड़ियों और चयनकर्ताओं की भी उतनी ही जिम्मेदारी है।”

भविष्य की चिंता

मदन लाल की बातें केवल एक आलोचना नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए चेतावनी हैं। जब टेस्ट क्रिकेट को लेकर जुनून कम होता दिख रहा हो और चयन सिर्फ फ्रेंचाइज़ी क्रिकेट के आधार पर हो, तो ये एक खतरनाक ट्रेंड बन सकता है। दुनिया की कई टीमें टेस्ट को दोबारा लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन अगर भारत में ही लाल गेंद का भविष्य खतरे में पड़ गया, तो क्रिकेट की आत्मा पर असर पड़ेगा।

FAQs

मदन लाल ने किस पर आरोप लगाए?

उन्होंने BCCI और चयनकर्ता अजीत आगरकर की आलोचना की।

उनका मुख्य मुद्दा क्या था?

IPL के आधार पर टेस्ट टीम चयन और रणजी की अनदेखी।

क्या मदन लाल ने गौतम गंभीर को दोषी ठहराया?

नहीं, उन्होंने इसे सामूहिक विफलता बताया।

कौन-कौन से खिलाड़ी उपेक्षित हुए?

सरफराज खान, अभिमन्यु ईश्वरन, रिंकू सिंह।

भारत की टेस्ट सीरीज़ में हालिया प्रदर्शन क्या रहा?

भारत को साउथ अफ्रीका से 0-2 से वाइटवॉश झेलना पड़ा।

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