ईडन गार्डन्स को ICC से राहत, MCG की पिच पर गिरी गाज

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Richie Richardson

क्रिकेट में गेंदबाज़ों का दबदबा कोई नई बात नहीं है, लेकिन जब टेस्ट मैच दो या तीन दिन में ही खत्म हो जाए, तो सवाल ज़रूर उठते हैं। इसी बहस के बीच ICC ने दो अलग-अलग टेस्ट पिचों पर अपना फैसला सुनाया है, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान खींच लिया है।

कोलकाता टेस्ट का फैसला

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट की पिच को ICC ने संतोषजनक करार दिया है। यह मैच सिर्फ तीन दिन में खत्म हो गया था, बावजूद इसके मैच रेफरी Richie Richardson ने माना कि पिच टेस्ट क्रिकेट के मानकों के भीतर थी।

कम स्कोर की कहानी

इस टेस्ट में दोनों टीमों की बल्लेबाज़ी संघर्ष करती दिखी। दक्षिण अफ्रीका ने 159 और 153 रन बनाए, जबकि भारत 189 और 93 रन पर सिमट गया। चौथी पारी में 124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 93 रन ही बना सका और मुकाबला 30 रन से हार गया।

बावुमा की जुझारू पारी

मैच की एकमात्र फिफ्टी Temba Bavuma के बल्ले से आई। उन्होंने दूसरी पारी में 136 गेंदों पर नाबाद 55 रन बनाकर दिखाया कि सही तकनीक और धैर्य के साथ इस पिच पर रन बनाए जा सकते थे।

पहले दिन से चुनौती

ईडन गार्डन्स की पिच पर पहले ही दिन से असमान उछाल और तेज़ टर्न देखने को मिला। कई गेंदें अचानक नीची रहीं तो कुछ उम्मीद से ज्यादा उछलीं। बल्लेबाज़ों के लिए यह हालात आसान नहीं थे, लेकिन ICC के मुताबिक यह सब टेस्ट क्रिकेट की स्वीकार्य सीमा में था।

गेंदबाज़ों का दबदबा

इस मुकाबले में गेंदबाज़ पूरी तरह हावी रहे। Jasprit Bumrah ने किफायती स्पेल में पांच विकेट लिए, वहीं साउथ अफ्रीका के सायमन हार्मर और मार्को यानसेन ने भी मैच पर गहरी छाप छोड़ी। रवींद्र जडेजा ने दूसरी पारी में चार विकेट लेकर मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा।

गंभीर बनाम कोटक

मैच के बाद भारतीय हेड कोच Gautam Gambhir ने पिच का बचाव किया। उनके मुताबिक यह कोई खतरनाक या असामान्य विकेट नहीं था और अच्छी तकनीक वाले बल्लेबाज़ यहां टिक सकते थे।

हालांकि बैटिंग कोच सित्वांशु कोटक की राय थोड़ी अलग रही। उनका मानना था कि पिच उम्मीद से जल्दी टूटने लगी और दूसरे ही दिन जरूरत से ज्यादा टर्न मिलने लगा। उनके अनुसार शायद ऊपर की सतह सूखी थी और नीचे की पिच ज्यादा सख्त, जिससे गेंदबाज़ों को अतिरिक्त मदद मिली।

गुवाहाटी की तारीफ

दूसरे टेस्ट की पिच को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ। गुवाहाटी के ACA स्टेडियम की पिच को ICC ने बहुत अच्छा दर्जा दिया। इस मैच में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 408 रन से हराकर सीरीज़ 2-0 से अपने नाम की, जो भारत में उनकी 25 साल बाद पहली टेस्ट सीरीज़ जीत बनी।

MCG पर सख्ती

वहीं मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की पिच को ICC ने असंतोषजनक करार दिया। एशेज का यह टेस्ट सिर्फ दो दिनों में खत्म हो गया था। मैच रेफरी Jeff Crowe ने MCG को एक डिमेरिट प्वाइंट दिया। 1904 के बाद यह पहली बार था जब इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया को इतनी जल्दी हार का सामना करना पड़ा।

ICC के इन फैसलों ने साफ कर दिया है कि मैच की अवधि ही पिच का अकेला पैमाना नहीं होती। बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों के बीच संतुलन, खेल की गुणवत्ता और परिस्थितियों की भूमिका को ध्यान में रखकर ही अंतिम रेटिंग दी जाती है। फिर भी, MCG और ईडन गार्डन्स के फैसलों ने पिचों को लेकर बहस को एक बार फिर तेज़ कर दिया है।

FAQs

ईडन गार्डन्स टेस्ट कितने दिन में खत्म हुआ?

तीन दिन में खत्म हो गया।

पिच को ICC ने क्या रेटिंग दी?

‘संतोषजनक’ रेटिंग दी गई।

गौतम गंभीर ने पिच को लेकर क्या कहा?

उन्होंने पिच को खेलने योग्य बताया।

MCG को कितने डिमेरिट पॉइंट मिले?

एक डिमेरिट पॉइंट।

गुवाहाटी टेस्ट की ICC रेटिंग क्या रही?

‘बहुत अच्छा’ (Very Good) रेटिंग मिली।

Ehtesham Aarif

Ehtesham Arif is a cricket content writer at SportsJagran.com with over 2 years of experience. He specializes in match previews, player analysis, and tournament coverage. His deep interest in the game reflects in his accurate and engaging reporting.

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