भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच कोलकाता के ऐतिहासिक Eden Gardens में खेले गए पहले टेस्ट की पिच को ICC ने संतोषजनक रेटिंग दी है। यह वही मुकाबला था जो सिर्फ तीन दिन में खत्म हो गया और भारत को 30 रन से हार झेलनी पड़ी। इतने कम समय में टेस्ट खत्म होने के बावजूद ICC की ओर से पिच को लेकर कोई चेतावनी नहीं दी गई।
तीन दिन में निपटा टेस्ट
मैच की शुरुआत से ही पिच पर तेज़ टर्न दिखने लगा था। खास तौर पर स्पिन गेंदबाज़ों को भरपूर मदद मिली और बल्लेबाज़ों के लिए रन बनाना मुश्किल होता चला गया। चौथी पारी में भारत को सिर्फ 124 रन चाहिए थे, लेकिन दबाव में पूरी टीम बिखर गई और जीत हाथ से निकल गई।
हार्मर का कहर
दक्षिण अफ्रीका के स्पिनर Simon Harmer ने पिच का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने मैच में कुल आठ विकेट झटके और भारत की बल्लेबाज़ी की कमर तोड़ दी। इसके उलट भारतीय स्पिनर्स वैसा असर नहीं छोड़ पाए, जिसकी उम्मीद घरेलू हालात में की जाती है।
गंभीर का रुख
मैच के बाद भारतीय हेड कोच Gautam Gambhir ने पिच का खुलकर बचाव किया। उनका मानना था कि पिच बिल्कुल वैसी ही थी जैसी टीम चाहती थी। उन्होंने साफ कहा कि अगर आप अच्छा नहीं खेलते, तो हार तय है, पिच को दोष नहीं दिया जा सकता।
कोचिंग स्टाफ में मतभेद
हालांकि टीम मैनेजमेंट की राय एक जैसी नहीं दिखी। बल्लेबाज़ी कोच Sitanshu Kotak ने गुवाहाटी पहुंचने के बाद कहा कि कोलकाता जैसी पिच कोई नहीं चाहता था। इससे साफ हो गया कि पिच को लेकर अंदरखाने भी असहमति मौजूद थी।
गांगुली की नाराज़गी
पूर्व कप्तान और BCCI के पूर्व अध्यक्ष Sourav Ganguly ने भी इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि भारतीय टीम के पास इतने बेहतरीन गेंदबाज़ हैं कि उन्हें जरूरत से ज्यादा मददगार पिचों की जरूरत नहीं। उनके मुताबिक भारत को बैलेंस्ड विकेट पर खेलना चाहिए, जहां टीम अपनी असली ताकत दिखा सके।
गुवाहाटी की अलग कहानी
दूसरा टेस्ट गुवाहाटी में खेला गया और वहां की पिच को ICC ने बहुत अच्छा रेटिंग दी। यह मैच पूरे पांच दिन चला, बल्लेबाज़ों और गेंदबाज़ों दोनों को मौका मिला। इसके बावजूद भारत मुकाबला नहीं जीत सका और पूरी सीरीज़ 0-2 से हार गया।
दोहरी हार का दर्द
इस तरह भारत को एक ही सीरीज़ में दोहरा झटका लगा। पहला झटका मैच और सीरीज़ की हार का और दूसरा यह कि घरेलू पिचों को लेकर एक नई बहस खड़ी हो गई। कोलकाता में पिच संतोषजनक मानी गई, लेकिन नतीजा भारत के पक्ष में नहीं गया।
बड़ा सवाल
अब सवाल यही है कि भारत को घरेलू क्रिकेट में किस तरह की पिचें बनानी चाहिए। क्या ऐसी विकेट्स, जो जल्दी टूट जाएं और स्पिनर्स को ज़्यादा मदद दें, या फिर ऐसी बैलेंस्ड पिचें जहां पांच दिन तक मुकाबला चले।
जहां गंभीर का मानना है कि टीम को हर तरह की पिच पर ढलना आना चाहिए, वहीं गांगुली जैसे अनुभवी क्रिकेटर चाहते हैं कि भारत अच्छे विकेट पर अपनी क्लास साबित करे। यही बहस आने वाले समय में भारतीय टेस्ट क्रिकेट की दिशा तय कर सकती है।
FAQs
ईडन गार्डन्स की पिच को क्या रेटिंग मिली?
ICC ने इसे ‘संतोषजनक’ रेटिंग दी है।
भारत पहला टेस्ट कितने रन से हारा?
भारत 30 रन से हारा।
साइमन हार्मर ने कितने विकेट लिए?
उन्होंने मैच में 8 विकेट लिए।
गुवाहाटी टेस्ट की पिच कैसी थी?
ICC ने उसे ‘बहुत अच्छा’ रेट किया।
गांगुली ने पिच को लेकर क्या कहा?
उन्होंने कहा टीम को अच्छी पिचों पर खेलना चाहिए।









