एक मैच, चार गेंदें और 22 रन। बस इतना ही काफी था कि जर्सिस वाडिया का नाम रातोंरात सोशल मीडिया पर छा जाए। बिग बैश लीग में Adelaide Strikers के लिए खेलते हुए उन्होंने Brisbane Heat के खिलाफ अपने दूसरे ही मैच में ऐसी बल्लेबाज़ी की कि हर छक्का कैमरे में कैद हो गया।
धमाकेदार शुरुआत
जर्सिस ने अपनी पहली चार गेंदों में ही 22 रन ठोक दिए, जिसमें तीन लगातार छक्के शामिल थे। उनका इरादा साफ था और उन्होंने खुद माना कि वह हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के लिए तैयार थे। यही बेखौफ अंदाज़ उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
बड़े नामों की तारीफ
उनके छक्कों का वीडियो वायरल होते ही कई नामी खिलाड़ियों ने उन्हें मैसेज भेजे। Hardik Pandya और Nicholas Pooran जैसे विस्फोटक बल्लेबाज़ों से मिली तारीफ ने उनके आत्मविश्वास को और बढ़ा दिया।
हार्दिक से पुराना रिश्ता
हार्दिक पंड्या और जर्सिस वाडिया का रिश्ता सिर्फ प्रोफेशनल नहीं है, बल्कि पारिवारिक जुड़ाव से भरा है। हार्दिक बचपन में जर्सिस की मां से पढ़ाई करते थे और शुरुआती दिनों में उनके मुंबई वाले घर में भी रुके थे। जर्सिस बताते हैं कि पंड्या परिवार को करीब से देखकर उन्होंने संघर्ष और मेहनत का असली मतलब सीखा।
शुरुआती क्रिकेट
24 साल के जर्सिस ने भारत में अंडर-16 और अंडर-19 क्रिकेट बड़ौदा के लिए खेला। क्रिकेट उनके घर में हमेशा से मौजूद रहा है। उनके दादा नेविल वाडिया, जो क्रिकेट के बड़े फैन थे, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में सबसे अधिक उम्र में सेंचुरी लगाने वाले खिलाड़ी के रूप में दर्ज हैं।
बचपन की याद
जर्सिस बताते हैं कि जब वह सिर्फ चार साल के थे, तब उनके दादा ने पहली बार गेंद फेंकी थी। बल्ले से गेंद लगते ही उन्हें जो खुशी मिली, उसी पल उन्हें एहसास हो गया कि क्रिकेट उनके जीवन का हिस्सा बनने वाला है।
कोविड ने बदली दिशा
कोविड महामारी ने उनके करियर को लगभग रोक दिया था। भारत में अंडर-19 टूर्नामेंट्स रद्द हो गए और लंबे समय तक क्रिकेट ठप रहा। उसी दौर में जर्सिस ने सबसे बड़ा फैसला लिया और अकेले ऑस्ट्रेलिया जाकर अपना करियर बनाने की ठानी।
जोखिम भरा फैसला
ऑस्ट्रेलिया जाने का फैसला आसान नहीं था। माता-पिता चिंतित थे, आर्थिक मदद भी सीमित थी, लेकिन जर्सिस के लिए क्रिकेट ही सब कुछ था। उन्होंने माना कि उस वक्त उनके पास खोने को कुछ नहीं था, सिर्फ खेलने की भूख थी।
टिम पेन की नज़र
मेलबर्न में एक T10 टूर्नामेंट के दौरान Tim Paine की नजर जर्सिस पर पड़ी। छक्कों की बरसात देखने के बाद पेन ने कोचिंग स्टाफ से पूछा कि यह बल्लेबाज़ आखिर आया कहां से है।
यहीं से रास्ता खुला
इसके बाद जर्सिस को Adelaide Strikers की अकादमी टीम में मौका मिला। यहीं से उनके प्रोफेशनल क्रिकेट करियर की असली शुरुआत हुई और BBL तक पहुंचने का सपना हकीकत में बदलने लगा।
ऑस्ट्रेलिया का सपना
जर्सिस का लक्ष्य सिर्फ टी20 तक सीमित नहीं है। वह रेड बॉल क्रिकेट को सबसे ज्यादा पसंद करते हैं और टेस्ट क्रिकेट को असली परीक्षा मानते हैं। उनका सपना है कि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलें और लंबा करियर बनाएं।
फिल्मी जुड़ाव
जर्सिस का परिवार फिल्मी दुनिया से भी जुड़ा है। उनके पिता दिलज़ान वाडिया बॉलीवुड अभिनेता रहे हैं। जर्सिस खुद फिल्म “Zindagi Na Milegi Dobara” से काफी प्रेरित हैं और मानते हैं कि उनका सफर भी उसी तरह जोखिम, आत्म-खोज और साहस से भरा रहा है।
मुंबई इंडियंस का सपना
एक तरफ Adelaide Oval, दूसरी तरफ Wankhede Stadium। जर्सिस का सपना है कि वह इन दोनों मैदानों पर शतक लगाएं। बचपन में वह Mumbai Indians को फॉलो करते थे और आज भी उस जर्सी को पहनने का सपना देखते हैं।
जर्सिस वाडिया मानते हैं कि चार गेंदों का धमाका सिर्फ एक शुरुआत है। असली चुनौती इसे लगातार दोहराने की है। मुंबई से अडिलेड तक का यह सफर दिखाता है कि जब जुनून सच्चा हो, तो सीमाएं अपने आप छोटी पड़ जाती हैं।
FAQs
जर्सिस वाडिया ने BBL में कितने रन बनाए?
उन्होंने 4 गेंदों पर 22 रन बनाए, जिनमें 3 छक्के शामिल थे।
वाडिया का क्रिकेट में प्रेरणा कौन है?
हार्दिक पंड्या और उनके दादा ने उन्हें प्रेरित किया।
जर्सिस का लक्ष्य क्या है?
ऑस्ट्रेलिया के लिए तीनों फॉर्मेट में लंबा करियर बनाना।
वह भारत से ऑस्ट्रेलिया क्यों गए?
COVID के चलते क्रिकेट रुक गया, इसलिए बेहतर मौके की तलाश में गए।
जर्सिस किस IPL टीम के लिए खेलना चाहते हैं?
वो मुंबई इंडियंस के लिए खेलना चाहते हैं।









