जब भारत के ‘जोगू दा’ ने बांग्लादेश को दिलाया टेस्ट क्रिकेट का टिकट

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BCCI

आज भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट को लेकर रिश्ते भले तनावपूर्ण दिखते हों, लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब भारत ने बांग्लादेश को क्रिकेट के सबसे ऊंचे मंच — टेस्ट क्रिकेट — तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी। और इस पूरी कहानी के केंद्र में थे — जगमोहन डालमिया, जिन्हें ‘जोगू दा’ कहा जाता था।

डालमिया की विरासत

2015 में जब डालमिया का निधन हुआ, तब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष साबेर हुसैन चौधरी ने उन्हें याद करते हुए कहा, “क्रिकेट ने अपना सबसे दूरदर्शी प्रशासक खो दिया है।” ये श्रद्धांजलि सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट के प्रति उनके योगदान की गवाही थी।

बांग्लादेश का सपना

1990 के दशक में बांग्लादेश क्रिकेट इंटरनेशनल लेवल पर पहचान बनाने की कोशिश में था। 1997 में ICC ट्रॉफी जीतकर ODI टीम बनी, 1999 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराया — लेकिन टेस्ट टीम बनने का सपना अधूरा था।

डालमिया का समर्थन

ICC अध्यक्ष रहते हुए डालमिया ने माना कि सिर्फ जीतने से कोई देश टेस्ट का हकदार नहीं बनता — विज़न, तैयारी और इरादा भी जरूरी है। उन्होंने बांग्लादेश को ICC टूर्नामेंट जैसे 1998 नॉकआउट ट्रॉफी का मेज़बान बनाया ताकि देश क्रिकेट के लिए तैयार हो सके।

ICC की राजनीति

1999 में ICC बैठक में बांग्लादेश ने टेस्ट स्टेटस की मांग की। शुरुआत में डालमिया को लगा कि उन्हें सिर्फ भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका का समर्थन मिलेगा। लेकिन वेस्ट इंडीज़ और ज़िम्बाब्वे ने भी साथ दिया — और बांग्लादेश को 5 वोट मिले।

इतिहास बनता है

जून 2000 में ICC ने बांग्लादेश को टेस्ट टीम का दर्जा दिया। देश में जश्न मनाया गया, पटाखे फूटे, मिठाइयां बांटी गईं। इंग्लैंड ने टेस्ट खेलने से इनकार कर दिया, लेकिन भारत ने कदम बढ़ाया — और 10 नवंबर 2000 को ढाका में भारत बनाम बांग्लादेश पहला टेस्ट खेला गया।

खास पहलू

भारत ने सिर्फ एक टेस्ट मैच नहीं खेला, बल्कि एक क्रिकेटिंग राष्ट्र के जन्म को मान्यता दी। यह सिर्फ खेल नहीं, रिश्तों की एक नई शुरुआत थी।

डालमिया की दूरदर्शिता

डालमिया ने हमेशा क्रिकेट को सीमित नहीं, वैश्विक रूप में देखा। उन्होंने भारत और पाकिस्तान में 1987 वर्ल्ड कप कराकर इतिहास रचा। BCCI को कॉमर्शियल ताकत बनाया, और एशियन क्रिकेट को मजबूत मंच दिया।

आज की तस्वीर

आज वही भारत-बांग्लादेश क्रिकेट रिश्ते तनाव में हैं। मुस्ताफिजुर का IPL से रिलीज़ होना, T20 वर्ल्ड कप को लेकर विवाद और ICC की भूमिका — इन सबने दूरी बढ़ा दी है। जो पुल कभी क्रिकेट से बना था, अब राजनीति की दरारों से हिल रहा है।

याद रहे ‘जोगू दा’

जगमोहन डालमिया सिर्फ प्रशासक नहीं, क्रिकेट डिप्लोमैसी के आर्किटेक्ट थे। बांग्लादेश को टेस्ट टीम बनाना, उन्हें क्रिकेट की मेनस्ट्रीम में लाना — उनकी विरासत का हिस्सा है। आज भले ही रिश्ते बदल गए हों, लेकिन इतिहास गवाह है कि एक दौर ऐसा भी था जब भारत ने बांग्लादेश को सिर्फ मैच नहीं, पहचान दी थी।

FAQs

बांग्लादेश को टेस्ट स्टेटस कब मिला?

जून 2000 में ICC ने बांग्लादेश को टेस्ट टीम घोषित किया।

बांग्लादेश का पहला टेस्ट किसके खिलाफ था?

भारत के खिलाफ, 10 नवंबर 2000 को ढाका में।

जगमोहन डालमिया कौन थे?

पूर्व BCCI और ICC अध्यक्ष, दूरदर्शी क्रिकेट प्रशासक।

बांग्लादेश को टेस्ट टीम बनाने में किसने मदद की?

जगमोहन डालमिया ने सबसे अहम भूमिका निभाई।

बांग्लादेश ने 1999 वर्ल्ड कप में किस टीम को हराया था?

पाकिस्तान को 62 रन से हराया था।

Ehtesham Aarif

Ehtesham Arif is a cricket content writer at SportsJagran.com with over 2 years of experience. He specializes in match previews, player analysis, and tournament coverage. His deep interest in the game reflects in his accurate and engaging reporting.

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