पिछला वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका के लिए आज भी एक अधूरी कहानी की तरह है। वेस्टइंडीज के बारबाडोस में खेले गए फाइनल में भारत के खिलाफ जीत के करीब पहुंचकर हार जाना ऐसा लम्हा था, जो खिलाड़ियों और फैंस दोनों के ज़हन में अब भी ताज़ा है। लेकिन T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले कप्तान एडन मार्करम ने साफ कर दिया है कि टीम उस हार में अटकी नहीं है।
सोच
मुंबई में हुई कप्तानों की मीटिंग के दौरान मार्करम ने कहा कि 2024 की नाकामी से प्रेरणा जरूर मिलती है, लेकिन वही इस अभियान की नींव नहीं है। उनके मुताबिक, अब वह टूर्नामेंट इतिहास बन चुका है और टीम उसके बाद काफी क्रिकेट खेल चुकी है।
उन्होंने यह भी कहा कि यहां मौजूद हर कप्तान का सपना एक ही है – ट्रॉफी उठाना। इसलिए किसी एक टीम या एक याद के इर्द-गिर्द सोच को सीमित रखना सही नहीं होगा।
फॉर्मेट
मार्करम मानते हैं कि T20 क्रिकेट बेहद अनिश्चित होता है। एक-दो खास प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट की दिशा बदल सकते हैं। यही वजह है कि किसी भी टीम को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है, चाहे वह कागज़ पर कितनी भी कमजोर क्यों न दिखे।
ग्रुप
इस बार South Africa को ग्रुप D में रखा गया है, जहां उनके साथ न्यूज़ीलैंड, अफगानिस्तान, कनाडा और UAE जैसी टीमें हैं। मार्करम ने साफ कहा कि फिलहाल टीम का पूरा फोकस सिर्फ ग्रुप स्टेज पर है।
उनके शब्दों में, पहले चार अच्छे मैच खेलकर आगे बढ़ने की स्थिति बनानी होगी। उसके बाद ही नॉकआउट और बड़े नामों के बारे में सोचा जाएगा।
भारत
भारत को साउथ अफ्रीका का पारंपरिक ‘नेमेसिस’ कहा जाता है, लेकिन मार्करम ने इस पर भी संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत उनके ग्रुप में नहीं है और अगर आगे जाकर दोनों टीमें टकराती हैं, तब उस चुनौती के बारे में सोचा जाएगा।
अभी के लिए, उनका सारा ध्यान सिर्फ ग्रुप स्टेज की बाधा पार करने पर है।
फाइनल
जब उनसे हाल के सालों में लगातार फाइनल हारने के बारे में पूछा गया, तो मार्करम ने हल्के अंदाज़ में कहा कि शायद एक रन ज़्यादा बना लेने से फर्क पड़ जाता। लेकिन इसके पीछे एक गंभीर बात भी छुपी थी।
उन्होंने माना कि लाइन पार न कर पाना निराशाजनक होता है, लेकिन इन अनुभवों से सीख मिलती है। हालात हर बार अलग होते हैं और उन्हीं हालातों के हिसाब से टीम को खुद को ढालना होगा।
सबक
मार्करम का मानना है कि पुरुष और महिला – दोनों साउथ अफ्रीका टीमों ने पिछले कुछ सालों में सही दिशा के संकेत दिए हैं। अब ज़रूरत है उन चीज़ों को पकड़ने की जो सही रहीं और सही समय पर पूरी ताकत झोंकने की।
लक्ष्य
साफ है कि साउथ अफ्रीका इस बार भावनाओं के बोझ के साथ नहीं, बल्कि स्पष्ट सोच और ठोस योजना के साथ वर्ल्ड कप में उतर रहा है। सवाल सिर्फ इतना है – क्या यह संतुलित अप्रोच उन्हें आखिरकार वह ट्रॉफी दिला पाएगी, जो सालों से हाथ से फिसलती आ रही है।
इसका जवाब आने वाले हफ्तों में क्रिकेट मैदान पर मिलेगा।
FAQs
एडन मार्करम के मुताबिक SA की प्रेरणा क्या है?
सिर्फ 2024 की हार नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप जीतना।
साउथ अफ्रीका किस ग्रुप में है?
ग्रुप D में न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, कनाडा और UAE के साथ।
क्या SA का फोकस भारत पर है?
नहीं, फिलहाल सिर्फ ग्रुप स्टेज पर।
पिछले वर्ल्ड कप फाइनल में SA से कौन जीता था?
भारत ने फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराया था।
मार्करम के अनुसार जीत की कुंजी क्या है?
ग्रुप में अच्छा खेलकर आगे बढ़ने का हक कमाना।








