दो दुनिया की टक्कर – कनाडा साहसी रहा, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने दिखाया अपना स्तर

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अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में सोमवार का माहौल अलग था।
रविवार को जहां दर्शकों को चाय साधारण काग़ज़ के कपों में मिली थी, वहीं सोमवार को वही चाय सुनहरी किनारों वाले नाज़ुक कप–प्लेट में परोसी गई। नीचे लिखा था – “Made in India”।

यह छोटी-सी विडंबना मैदान पर चल रहे मुकाबले की तरह ही थी।
कनाडा बनाम दक्षिण अफ्रीका – दो अलग-अलग क्रिकेटिंग दुनियाओं की टक्कर।

शुरुआत

कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा के लिए यह किसी भी स्तर पर कप्तानी का सिर्फ दूसरा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहला मैच था। उन्होंने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी।

सामने चुनौती आसान नहीं थी। ड्रेसिंग रूम में बैठे थे कगिसो रबाडा, मार्को यानसन, लुंगी एनगिडी और टॉप पर क्विंटन डी कॉक व एडन मार्करम।

ऐसे में किसी नए कप्तान के लिए बल्लेबाज़ी चुनना भी उतना ही जोखिम भरा होता।

दबाव

कनाडा की घबराहट पहले ओवर से दिखने लगी। कलीम सना की गेंदें स्टंप्स से ज़्यादा स्लिप के करीब जा रही थीं। वाइड्स आईं, हाफ-वॉली मिली और मार्करम ने उसे कवर्स के ऊपर से भेज दिया।

पावरप्ले खत्म होते-होते दक्षिण अफ्रीका 66/0 पर था। उस वक्त लग रहा था कि स्कोर 300 की ओर जा सकता है।

ढील

लेकिन इसके बाद दक्षिण अफ्रीका की पारी में थोड़ी लापरवाही आ गई।
डी कॉक फ्लाइट से चकमा खाकर खुद बाजवा की गेंद पर बोल्ड हो गए। मार्करम और रयान रिकेल्टन रेंज हिटिंग के चक्कर में आउट हुए। डेवाल्ड ब्रेविस ने भी गैरज़रूरी शॉट खेला।

फिर आख़िर में आई 39 गेंदों में 75 रन की नाबाद साझेदारी, जिसने स्कोर को 213/4 तक पहुंचाया। यह टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर था, लेकिन शुरुआत जैसी क्रूर रफ्तार नहीं रही।

जवाब

कनाडा की पारी का पहला ओवर ही कहानी कह गया।
लुंगी एनगिडी की पहली गेंद – शानदार आउटस्विंगर – और बाजवा की हल्की सी एज सीधे डी कॉक के दस्तानों में।

एनगिडी ने पावरप्ले में बाजवा, युवराज समरा और निकोलस किर्टन – तीनों को आउट कर दिया। स्कोर 45/4 था और मुकाबला लगभग फिसल चुका था।

संघर्ष

इसके बावजूद कनाडा ने हार मानने से इनकार किया।
नवनीत धालीवाल ने 49 गेंदों में 64 रन बनाए और हर्ष ठेकर के साथ 69 रन की साझेदारी की।

कनाडा ने पूरे 20 ओवर खेले। स्कोर भले नहीं मिला, लेकिन यह अपने आप में एक बयान था।

एनगिडी ने अंत में 4/31 के आंकड़े पूरे किए और दक्षिण अफ्रीका ने 57 रन से जीत दर्ज की।

सम्मान

मैच के बाद एनगिडी ने कनाडा की तारीफ की।

उनका कहना था कि बीच के ओवरों में दबाव बनाकर चार विकेट लेना किसी भी टीम के खिलाफ वर्ल्ड-क्लास प्रदर्शन है। चार विकेट जल्दी गिरने के बाद भी पूरे 20 ओवर खेलना गर्व की बात है।

यह भी याद रखने लायक है कि कनाडा ने इस मैच से पहले 159 दिन तक कोई मुकाबला नहीं खेला था, जबकि दक्षिण अफ्रीका पिछले कुछ महीनों में लगातार क्रिकेट खेलता रहा था।

मायने

यह मुकाबला सिर्फ स्कोरबोर्ड की कहानी नहीं था।
यह दो क्रिकेटिंग संस्कृतियों की भिड़ंत थी।

एक तरफ वह देश जहां क्रिकेट सांसों में बसा है।
दूसरी तरफ वह टीम, जिसके लिए क्रिकेट अब भी खुद को साबित करने की लड़ाई है।

लेकिन कनाडा ने दिखा दिया कि वे मज़ाक नहीं हैं। वे किसी रोडियो क्लाउन की तरह नहीं खेले, बल्कि असली क्रिकेटर की तरह लड़े।

कभी-कभी क्रिकेट में मुकाबला सिर्फ टीमों का नहीं होता –
वह पेपर कप और फाइन चाइना के बीच भी होता है।

FAQs

दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा के खिलाफ कितने रन बनाए?

दक्षिण अफ्रीका ने 213/4 का स्कोर बनाया।

मैच का सबसे प्रभावशाली गेंदबाज़ कौन रहा?

लुंगी एनगिडी, जिन्होंने 4 विकेट लिए।

कनाडा की ओर से सबसे ज़्यादा रन किसने बनाए?

नवनीत धालीवाल ने 64 रन बनाए।

दक्षिण अफ्रीका ने मैच कितने रन से जीता?

दक्षिण अफ्रीका ने 57 रन से जीत दर्ज की।

यह मैच किस बात का प्रतीक माना गया?

क्रिकेट की दो अलग-अलग दुनियाओं की टक्कर का।

Ehtesham Aarif

Ehtesham Arif is a cricket content writer at SportsJagran.com with over 2 years of experience. He specializes in match previews, player analysis, and tournament coverage. His deep interest in the game reflects in his accurate and engaging reporting.

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