जम्मू-कश्मीर क्रिकेट इस समय एक अहम मोड़ पर खड़ा है। सालों तक अस्थायी व्यवस्था में काम करने के बाद अब स्थायी ढांचे की ओर कदम बढ़ रहे हैं। Jammu and Kashmir Cricket Association को सरकार से अंतिम मंजूरी मिलते ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
संकेत साफ हैं कि यह सिर्फ कागजी प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की नई शुरुआत हो सकती है।
मंजूरी प्रक्रिया
Mithun Manhas, जो पहले एड-हॉक कमेटी का नेतृत्व कर चुके हैं और अब Board of Control for Cricket in India से जुड़े हैं, ने बताया कि राज्य संघ के गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सिर्फ सरकार की अंतिम स्वीकृति बाकी है।
उनके मुताबिक, मंजूरी मिलते ही BCCI के फंड अनलॉक हो जाएंगे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम शुरू हो सकेगा।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल टीम श्रीनगर के हरबक्स स्टेडियम और जम्मू के कॉलेज ग्राउंड पर अपने मुकाबले खेलती है। संसाधन सीमित रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सुधार की दिशा में लगातार प्रयास हुए हैं।
मंजूरी के बाद एक आधुनिक क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की योजना पर तेजी से काम शुरू हो सकता है, जो राज्य के खिलाड़ियों के लिए गेम चेंजर साबित होगा।
बुनियाद मजबूत
2021 से सुधार की प्रक्रिया शुरू हुई थी। सीमित संसाधनों के बावजूद दो स्टेडियमों में रेड-सॉयल पिच तैयार की गई, ताकि खिलाड़ी देश के अलग-अलग हालात में खेलने के लिए तैयार हों।
हर साल अप्रैल से टैलेंट हंट प्रोग्राम चलाया गया और ऑफ-सीजन में टीमों को देशभर के टूर्नामेंट्स में भेजा गया। इससे खिलाड़ियों को एक्सपोजर मिला और आत्मविश्वास भी बढ़ा।
कोचिंग विस्तार
क्रिकेट का असली विकास जमीनी स्तर पर होता है। जब यह प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब राज्य में बहुत कम प्रशिक्षित कोच थे। अब करीब 40 लेवल 2 कोच तैयार हो चुके हैं।
यह बदलाव दूरदराज जिलों तक क्रिकेट को पहुंचाने में मदद कर रहा है। प्रशिक्षित कोच मिलने से युवा खिलाड़ियों को सही तकनीक और फिटनेस की समझ मिल रही है।
नेतृत्व भूमिका
पिछले दो सीजन में Paras Dogra को गेस्ट प्लेयर के तौर पर कप्तानी सौंपी गई। उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने का बड़ा मौका बना।
हालांकि फोकस हमेशा स्थानीय प्रतिभाओं को तैयार करने पर रहा है। बाहरी खिलाड़ियों पर निर्भरता बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
भविष्य योजना
सरकार की मंजूरी के बाद फंडिंग शुरू होते ही आधुनिक स्टेडियम, बेहतर प्रैक्टिस सुविधाएं, फिटनेस और हाई-परफॉर्मेंस सेंटर जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम तेज हो सकता है।
ग्राउंड स्टाफ, टेक्निकल सपोर्ट और प्लेयर डेवलपमेंट सिस्टम को भी मजबूत किया जाएगा।
नई उड़ान
जम्मू-कश्मीर क्रिकेट ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। अगर इंफ्रास्ट्रक्चर और कोचिंग सिस्टम इसी तरह विकसित होता रहा, तो आने वाले समय में यहां से और भी बड़े खिलाड़ी निकल सकते हैं।
क्रिकेट सिर्फ मैच जीतने से नहीं बनता, बल्कि मजबूत पिच, सही मार्गदर्शन और दूरदर्शी सोच से बनता है। जम्मू-कश्मीर अब उसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है। मंजूरी मिलते ही यह उड़ान और ऊंची हो सकती है।
FAQs
जेकेसीए को क्या मंजूरी चाहिए?
राज्य सरकार की अंतिम स्वीकृति।
फंड कब अनलॉक होंगे?
सरकारी मंजूरी मिलते ही।
कितने लेवल 2 कोच हैं?
करीब 40 NCA लेवल 2 कोच।
कौन गेस्ट प्लेयर था?
परस डोगरा।
कहां खेलती है टीम?
हरबक्स स्टेडियम और कॉलेज ग्राउंड।









