टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 ग्रुपिंग ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी है। चारों ग्रुप स्टेज टॉपर—भारत, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे—को एक ही ग्रुप में रखा गया है।
वहीं दूसरे ग्रुप में न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, इंग्लैंड और श्रीलंका जैसी टीमें शामिल हैं। कुछ लोगों ने इसे “असंतुलित” बताते हुए सीधे Board of Control for Cricket in India पर सवाल उठा दिए।
आरोपों का तर्क
सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यह ग्रुपिंग भारत को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है। आरोप यह भी लगा कि दूसरे ग्रुप को अपेक्षाकृत आसान रास्ता दिया गया है।
लेकिन क्या वाकई ऐसा है?
चोपड़ा का जवाब
पूर्व भारतीय ओपनर Aakash Chopra ने इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ कहा कि यह प्री-सीडिंग सिस्टम ICC रैंकिंग के आधार पर पहले से तय था।
उनका कहना था कि अगर भारत को फायदा देना होता, तो क्या उन्हें दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों के साथ रखा जाता? उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि बिना रिसर्च के बातें करना गलत है।
प्री सीडिंग मॉडल
यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ हो। 2007, 2009, 2010 और 2012 के टी20 वर्ल्ड कप में भी प्री-सीडिंग सिस्टम लागू था।
यानी सुपर 8 की संरचना टूर्नामेंट से पहले तय होती है, न कि ग्रुप स्टेज के बाद मनमाने तरीके से बदली जाती है।
व्यावहारिक चुनौती
इस बार टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में हो रहा है। भारत अपने मैच भारत में खेल रहा है, जबकि पाकिस्तान और श्रीलंका अपने मुकाबले श्रीलंका में खेल रहे हैं।
ऐसे में शेड्यूल बनाना आसान नहीं था। राजनीतिक और लॉजिस्टिक कारणों ने भी ग्रुपिंग को प्रभावित किया।
अप्रत्याशित परिणाम
ऑस्ट्रेलिया को सीडेड स्थान मिला था, लेकिन वे ग्रुप स्टेज से बाहर हो गए। उनकी जगह जिम्बाब्वे ने ली।
जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर दिखा दिया कि टी20 क्रिकेट में “कमजोर” शब्द ज्यादा मायने नहीं रखता।
संतुलन सवाल
कागज पर ग्रुप 1 मजबूत दिख सकता है। लेकिन टी20 फॉर्मेट में हर दिन नया होता है। एक खराब दिन किसी भी टीम को बाहर कर सकता है।
अगर भारत को फायदा पहुंचाना मकसद होता, तो क्या वे अपने ग्रुप में दो पावरहाउस टीमों को शामिल करते? यह सवाल खुद ही जवाब देता है।
ग्रुपिंग पर बहस जारी रहेगी, लेकिन International Cricket Council का प्री-सीडिंग मॉडल नया नहीं है।
आरोप लगाना आसान है, लेकिन टूर्नामेंट की संरचना कई व्यावहारिक कारणों पर आधारित होती है।
आखिर में मैदान ही फैसला करेगा। सेमीफाइनल में कौन पहुंचेगा, यह ग्रुपिंग नहीं बल्कि प्रदर्शन तय करेगा।
FAQs
सुपर 8 में कितने ग्रुप हैं?
दो ग्रुप – ग्रुप 1 और ग्रुप 2।
ग्रुप 1 में कौन-कौन हैं?
भारत, SA, WI और जिम्बाब्वे।
क्या ग्रुपिंग नई है?
नहीं, पहले भी प्री-सीडिंग हुई है।
पाकिस्तान भारत में खेलेगा?
नहीं, वे श्रीलंका में खेलेंगे।
चोपड़ा ने क्या कहा?
आरोपों को बेतुका बताया।









