कोलंबो में India national cricket team ने Pakistan national cricket team को 61 रन से हराया। लेकिन उपकप्तान Axar Patel के मुताबिक, असली जीत मैदान पर नहीं, दिमाग में हुई।
अक्षर ने साफ कहा कि टीम ने इस मुकाबले को किसी “राइवलरी” की तरह नहीं लिया। “हम उन्हें सिर्फ एक टीम की तरह देख रहे थे। हम किसी राइवलरी के बारे में नहीं सोच रहे थे,” उन्होंने मैच के बाद कहा।
यानी शोर से दूरी और प्रक्रिया पर भरोसा—यही मंत्र था।
किशन की चमक
इस जीत की नींव Ishan Kishan ने रखी। 40 गेंदों पर 77 रन की पारी आसान नहीं थी, खासकर तब जब पिच से स्पिन और अनिश्चित उछाल मिल रहा था।
सूर्यकुमार यादव ने 32 रन जोड़े, शिवम दुबे ने 17 गेंदों में 27 रन की तेज पारी खेली। बीच-बीच में रिंकू सिंह का योगदान भी काम आया।
अक्षर ने किशन की तारीफ करते हुए कहा कि वह पूरे मैदान में शॉट खेलने की क्षमता रखते हैं और यही आत्मविश्वास पाकिस्तान पर भारी पड़ा।
रणनीतिक फैसला
भारत ने इस मैच में तीन स्पिनरों के साथ उतरने का फैसला किया। पिच को ध्यान में रखते हुए टीम कॉम्बिनेशन चुना गया।
अक्षर ने कहा कि टीम हमेशा परिस्थितियों के हिसाब से खेलती है, न कि नाम या भावना के आधार पर। यही पेशेवर सोच बड़े मैचों में फर्क डालती है।
गेंदबाज़ों का अनुशासन
175/7 का स्कोर बनाने के बाद भारतीय गेंदबाज़ों ने कोई ढील नहीं दी। Jasprit Bumrah ने शुरुआती झटके दिए। हार्दिक पांड्या ने मिडिल ओवर में दबाव बनाए रखा। वरुण चक्रवर्ती और अक्षर ने स्पिन से नियंत्रण रखा।
पाकिस्तान 114 पर सिमट गया और मुकाबला एकतरफा हो गया।
प्रक्रिया पर भरोसा
अक्षर का संदेश साफ था-टीम बाहरी तुलना या रिकॉर्ड पर नहीं, अपनी प्रक्रिया पर ध्यान देती है। “एक समय में एक मैच,” यही सोच है।
भारत का विश्व कप रिकॉर्ड पाकिस्तान के खिलाफ और मजबूत हुआ है, लेकिन टीम इतिहास में नहीं जी रही।
बड़ी जीतें सिर्फ बड़े शॉट्स से नहीं मिलतीं। वे मिलती हैं शांत दिमाग, साफ रणनीति और सटीक क्रियान्वयन से।
आज पाकिस्तान था, कल कोई और होगा। लेकिन भारत की रणनीति नहीं बदलेगी-फोकस, संतुलन और भरोसा।
और शायद यही इस टीम की सबसे बड़ी ताकत है।
FAQs
भारत ने कितने रन से जीत दर्ज की?
61 रन से।
ईशान किशन ने कितने रन बनाए?
77 रन।
अक्षर ने क्या कहा?
राइवलरी नहीं, क्रिकेट पर फोकस।
भारत ने कितने स्पिनर खिलाए?
तीन स्पिनर।
भारत का रिकॉर्ड क्या है?
टी20 WC में 8-1।









