टीम इंडिया में जगह बनाना हर खिलाड़ी का सपना होता है, लेकिन जब किसी युवा चेहरे को अचानक मौका मिलता है, तो चर्चा और बहस दोनों तय होते हैं। वॉशिंगटन सुंदर की चोट के बाद दिल्ली के ऑलराउंडर आयुष बडोनी को न्यूज़ीलैंड के खिलाफ बाकी वनडे मैचों के लिए चुना गया है। लेकिन इस चयन ने सोशल मीडिया और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के बीच हलचल मचा दी है।
प्रदर्शन
आयुष बडोनी ने हाल ही में विजय हज़ारे ट्रॉफी में कुछ मैचों में गेंदबाज़ी से ध्यान खींचा। जैसे रेलवे के खिलाफ 3 विकेट, सर्विसेज़ के खिलाफ 1 विकेट और गुजरात के खिलाफ किफायती स्पेल डाला। हालांकि बल्लेबाज़ी में वो कुछ खास नहीं कर सके — तीन पारियों में सिर्फ 15 रन।
बैकअप सोच
टीम मैनेजमेंट शायद बडोनी को वॉशिंगटन सुंदर जैसा बैलेंस देने वाला खिलाड़ी मान रही है — जो थोड़ा-बहुत गेंदबाज़ी कर सके और निचले क्रम में रन भी जोड़ सके।
आकाश चोपड़ा की राय
आकाश चोपड़ा ने इस सेलेक्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बडोनी का नाम थोड़ा “अनपॉपुलर चॉइस” लगता है क्योंकि उन्होंने अभी तक 1000 लिस्ट-A रन भी नहीं बनाए हैं, और विकेटों की संख्या भी बहुत बड़ी नहीं है। फिर भी सेलेक्टर्स ने शायद उन्हें एक बैलेंस्ड विकल्प के रूप में देखा है।
लिस्ट-A आंकड़े
27 मैचों में बडोनी ने 693 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं। उनका औसत 36.47 है और स्ट्राइक रेट 93 से ज्यादा। गेंदबाज़ी में 18 विकेट और बेस्ट फिगर 3/29 रहे हैं, इकॉनमी 4.54 की है।
इंडिया A अनुभव
बडोनी ने साउथ अफ्रीका A के खिलाफ 66 रन की अहम पारी खेली थी। वहीं गेंदबाज़ी में भले विकेट ना मिले हों, लेकिन उन्होंने 4 से 7 ओवर के स्पेल डाले, जो दिखाता है कि उन पर गेंद के साथ भी भरोसा किया जा सकता है।
दूसरे विकल्प क्यों नहीं?
रियान पराग की चर्चा ज़रूर हुई लेकिन वे हाल ही में चोट से लौटे हैं और पूरा फिटनेस और फॉर्म नहीं दिखा पाए। वहीं रिंकू सिंह, जो फैंस के बीच काफी लोकप्रिय हैं, गेंदबाज़ी में नियमित नहीं हैं और चयनकर्ता ऑलराउंडर की तलाश में थे।
फैंस की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर बडोनी के चयन को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुछ लोग इस फैसले को भविष्य की तैयारी मान रहे हैं, तो कुछ इसे अनुभवहीन खिलाड़ी को तरजीह देने वाला कदम बता रहे हैं।
टीम इंडिया का चयन सिर्फ आंकड़ों पर नहीं, बल्कि रणनीति, बैलेंस और भविष्य की सोच पर भी होता है। बडोनी भले अभी तक कोई बड़ा नाम ना बने हों, लेकिन उनका चयन इस बात का संकेत है कि सेलेक्टर्स नए प्रयोगों और संभावनाओं को मौका देने के मूड में हैं। बहस जारी रहेगी — और शायद इसी में छिपा है भारतीय क्रिकेट का असली रोमांच।
FAQs
आयुष बडोनी को क्यों चुना गया?
वॉशिंगटन सुंदर के रिप्लेसमेंट के तौर पर।
क्या आयुष बडोनी के आंकड़े दमदार हैं?
उम्दा नहीं, लेकिन गेंद और बल्ले दोनों से उपयोगी हैं।
रियान पराग को क्यों नहीं चुना गया?
चोट से हाल ही में लौटे हैं, पूरी फिटनेस में नहीं हैं।
रिंकू सिंह को क्यों छोड़ा गया?
वो बल्लेबाज़ हैं, बॉलिंग रेगुलर नहीं करते।
क्या ये चयन विवादास्पद है?
हाँ, सोशल मीडिया पर इसे ‘अनपॉपुलर चॉइस’ कहा जा रहा है।








