आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में Pakistan national cricket team ने नामीबिया को 102 रनों से हराकर सुपर एट में जगह बना ली। कोलंबो में खेले गए इस मुकाबले में टीम ने हर विभाग में दम दिखाया।
लेकिन जीत से ज्यादा चर्चा जिस नाम की हुई, वह थे Babar Azam। वजह यह रही कि उन्हें बल्लेबाज़ी का मौका ही नहीं मिला।
चुप बल्ला
बाबर को इस टूर्नामेंट में नंबर चार पर “फेल-सेफ” विकल्प के तौर पर रखा गया था। यानी अगर शुरुआती विकेट गिरें तो वे पारी संभालें।
लेकिन नीदरलैंड और भारत के खिलाफ जब टीम को स्थिरता की जरूरत थी, तब वे प्रभाव नहीं छोड़ पाए। नामीबिया के खिलाफ तो उन्हें क्रीज़ पर उतरने का मौका ही नहीं मिला।
रणनीतिक फैसला
नामीबिया के खिलाफ पाकिस्तान को बड़ी जीत चाहिए थी। टीम ने तेज शुरुआत की और रनगति लगातार ऊंची रखी। 13वें ओवर में कप्तान का विकेट गिरने के बाद उम्मीद थी कि बाबर मैदान पर आएंगे।
लेकिन टीम मैनेजमेंट ने अलग सोच दिखाई। पहले ख्वाजा नफे को ऊपर भेजा गया। उनके आउट होने के बाद भी बाबर को नहीं बुलाया गया और Shadab Khan को प्रमोट किया गया।
यह साफ संकेत था कि टीम आक्रामक बल्लेबाज़ी चाहती है और आखिरी ओवरों में पावर-हिटिंग पर भरोसा कर रही है।
सोशल मीडिया
जैसे ही बाबर मैदान पर नहीं उतरे, सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। X पर मीम्स और सवाल ट्रेंड करने लगे। कुछ फैंस ने इसे रणनीतिक फैसला बताया, तो कुछ ने फॉर्म पर भरोसे की कमी कहा।
यह बहस सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन से जुड़ी हुई है।
मैच हीरो
जहां बाबर चर्चा में रहे, वहीं असली चमक Sahibzada Farhan के नाम रही। उन्होंने अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।
अंत में शादाब खान की तेज 36 रन की पारी ने फिनिशिंग टच दिया। स्पिन गेंदबाजों ने मिडिल ओवरों में शानदार कंट्रोल रखते हुए नामीबिया को मुकाबले से बाहर कर दिया।
बदलती भूमिका
अब सवाल यह है कि क्या बाबर की भूमिका बदल रही है? आधुनिक टी20 क्रिकेट में हर बल्लेबाज़ से तेज़ रन की उम्मीद की जाती है। अगर टीम में पावर-हिटर मौजूद हैं, तो एंकर की पारंपरिक भूमिका कम हो जाती है।
लेकिन बाबर का रिकॉर्ड बताता है कि वे परिस्थिति के अनुसार खेल सकते हैं। असली परीक्षा सुपर एट में होगी, जहां हर रन की कीमत और बढ़ जाएगी।
आगे की राह
टीम मैनेजमेंट, जिसमें कोच Mike Hesson और कप्तान Salman Ali Agha शामिल हैं, ने साफ किया है कि फैसले रणनीति के आधार पर लिए जा रहे हैं।
फिर भी, बड़े टूर्नामेंट में खिलाड़ी का आत्मविश्वास उतना ही अहम होता है जितना प्लान। अगर बाबर को लगातार नीचे रखा जाता है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि वे अगला मौका मिलने पर कैसे जवाब देते हैं।
क्रिकेट की यही खूबसूरती है कि कहानी एक पारी में बदल सकती है। फिलहाल पाकिस्तान जीत की लय में है, लेकिन बाबर आज़म की भूमिका पर सवाल अभी शांत नहीं हुए हैं।
FAQs
बाबर को बल्लेबाज़ी का मौका मिला?
नहीं, नामीबिया मैच में नहीं।
पाकिस्तान ने कितने रन से जीता?
102 रन से।
किसने शतक लगाया?
साहिबज़ादा फरहान ने।
कौन नंबर चार पर भेजा गया?
ख्वाजा नफे और फिर शादाब।
अब पाकिस्तान कहां पहुंचा?
सुपर एट में।









