गुवाहाटी टेस्ट में मिली शर्मनाक 0-2 सीरीज हार के बाद BCCI और चयन समिति ने जिस तरीके से गंभीर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुछ बयान दिए, उससे बोर्ड की एंव टीम की हालत और संवेदनशील हो गई है।
BCCI की नाराज़गी
बताया जा रहा है कि बोर्ड को लगता है कि गंभीर ने पिच, चयन और हार की वजहों पर दिए बयानों से टीम की छवि धूमिल की। यह वो बयान थे, जिन्हें बोर्ड “आंतरिक मसलों को सार्वजनिक” करने जैसा मानती है।
रणनीति पर सवाल
BCCI को सिर्फ बयान से ही नहीं, बल्कि टीम चयन और रणनीति के फैसलों से भी परेशानी है। लगातार खिलाड़ियों का बदलना और ऑलराउंडर‑भारी टीम संयोजन ने टीम के संतुलन को कमजोर किया, खासकर स्पेशलिस्ट बैटर और बॉलर की बजाय पार्ट‑टाइम प्लेयर्स को मौका देकर।
मुकाबला अब T20 में
चूंकि अगली घरेलू टेस्ट सीरीज़ 2026 में है, बोर्ड फिलहाल टेस्ट में बदलाव नहीं करना चाहता। लेकिन 2026 का T20 वर्ल्ड कप, जो भारत में है, अब गंभीर और टीम के लिए “करो या मरो” मोमेंट बन गया है। अगर प्रदर्शन ठीक नहीं रहा, तो गंभीर की कोचिंग कुर्सी खतरे में है।
जनता और पूर्व खिलाड़ियों का गुस्सा
पूर्व दिग्गज, विशेषज्ञ और क्रिकेट फैंस सब एक सुर में कह रहे हैं कि टीम में स्थिरता नहीं है, खिलाड़ी बार‑बार बदल रहे हैं, पिच फैसले समझ से परे हैं। इस अस्थिरता का असर टीम पर दिख रहा है।
2026 T20 वर्ल्ड कप तक अब बस कुछ ही महीने बचे हैं। इस दौरान बोर्ड और टीम मैनेजमेंट की चाल — रणनीति, चयन और मानसिकता — सब देखे जायेंगे। अगर ये सुधार नहीं हुए, तो सिर्फ बयान नहीं, बल्कि पूरी टीम की दिशा बदलने की नौबत आ सकती है।
FAQs
BCCI गौतम गंभीर से क्यों नाराज़ है?
उनके विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस बयानों और टीम रणनीति से।
गंभीर की कोचिंग में भारत की हाल की टेस्ट परफॉर्मेंस कैसी रही?
भारत ने घरेलू मैदान पर 0-2 से साउथ अफ्रीका से सीरीज़ गंवाई।
क्या गंभीर को हटाया जा सकता है?
T20 वर्ल्ड कप 2026 के प्रदर्शन पर सब निर्भर करेगा।
गंभीर पर सबसे बड़ा आरोप क्या है?
ऑलराउंडर्स पर ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा और टीम अस्थिरता।
भारत अगला घरेलू टेस्ट कब खेलेगा?
अगस्त 2026 में अगली घरेलू टेस्ट सीरीज़ निर्धारित है।










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