कुछ खिलाड़ी होते हैं जो बड़े मौकों पर खुद को साबित करने के लिए ही बने होते हैं – दिविज मेहरा भी उन्हीं में से एक हैं। दिल्ली के इस युवा तेज़ गेंदबाज़ ने रणजी ट्रॉफी में एक बार फिर वही कर दिखाया, जो वो पहले भी कर चुके हैं – और वो भी भारत की सबसे सफल टीम मुंबई के खिलाफ।
पहचान
जनवरी 2023 में अरुण जेटली स्टेडियम पर जब उन्होंने मुंबई के खिलाफ 5 विकेट झटके थे, तो दिल्ली को चार दशकों बाद इस दिग्गज टीम पर जीत दिलाई थी। वो पारी उनके करियर की पहली बड़ी पहचान बनी।
दोहराव
अब तीन साल बाद, वही स्क्रिप्ट दोहराई गई। शनिवार को उन्होंने फिर से मुंबई के खिलाफ 5 विकेट लिए, इस बार 31 ओवर में 64 रन देकर। इस प्रदर्शन ने न सिर्फ टीम की वापसी में मदद की, बल्कि दिविज के संघर्ष की कहानी को और खास बना दिया।
सफर
2023 की उस पारी के बाद मेहरा लगातार चोटों से जूझते रहे। IPL में पंजाब किंग्स ने उन्हें चुना था, लेकिन हील की हड्डी में बोन स्पर के कारण उन्हें सर्जरी करानी पड़ी। इसके बाद डेढ़ साल सिर्फ रिकवरी में निकल गया। जब वापसी की कोशिश की, तो हिप फ्लेक्सर की चोट ने दो और सीज़न उनसे छीन लिए।
भावनाएं
शनिवार को जब उन्होंने मोहित अवस्थी को आउट कर पांच विकेट पूरे किए, तो ज़मीन पर घूंसा मारते हुए उनकी भावनाएं छलक उठीं। उन्होंने कहा, “सीज़न शुरू होने से पहले पापा से कहा था कि मुंबई के खिलाफ खेलूंगा और पांच विकेट लूंगा। ये पल बहुत खास है।”
मौका
दिल्ली की अंडर-23 टीम में लगातार खेलते रहे मेहरा को सीनियर प्लेयर्स की गैरमौजूदगी में आखिरी दो मैचों में मौका मिला। उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से पकड़ते हुए साबित कर दिया कि वो बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं।
गाइडेंस
मेहरा की वापसी आसान नहीं थी, लेकिन उन्हें साथ मिला टीम इंडिया के सीनियर पेसर ईशांत शर्मा और दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत का।
ईशांत ने उन्हें विजय हज़ारे ट्रॉफी के दौरान फिटनेस, डाइट और मेहनत पर फोकस करने को कहा। उन्होंने सीधी बात कह दी – “इतने से नहीं चलेगा” – जिसने मेहरा को अपनी कमज़ोरियों से रूबरू कराया।
वहीं पंत ने उन्हें टी20 क्रिकेट के लिए वैरिएशन और पेस बढ़ाने की सलाह दी, जिससे वो व्हाइट-बॉल फॉर्मेट में भी खुद को साबित कर सकें।
मुंबई ही क्यों?
इस सवाल पर मेहरा मुस्कुरा दिए। बोले, “मुंबई बड़ी टीम है। उनके सारे बल्लेबाज़ अच्छे हैं। आज विकेट मददगार था, कल को वो मुझे पीट सकते हैं। लेकिन अगर मेरा अगला पांच विकेट हॉल भी मुंबई के खिलाफ ही आए, तो मुझे बहुत खुशी होगी।”
दिविज मेहरा की वापसी सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक कहानी है – दर्द, धैर्य और जुनून की कहानी। चोटों से जूझकर, लगातार मौके का इंतज़ार करके, और जब मौका मिला तो उसे इतिहास में बदल देना – यही असली खेल भावना है। उनका संघर्ष बताता है कि असली जीत सिर्फ विकेट लेने में नहीं, बल्कि वापसी में है।
FAQs
दिविज मेहरा ने किस टीम के खिलाफ दो बार 5 विकेट लिए?
मुंबई के खिलाफ, 2023 और 2026 में।
मेहरा को कौन सी चोट सबसे पहले लगी थी?
हील में बोन स्पर, जिससे ऑपरेशन कराना पड़ा।
किस IPL टीम में मेहरा शामिल थे?
पंजाब किंग्स के साथ लेकिन मैच नहीं खेल पाए।
ईशांत शर्मा ने मेहरा को क्या सलाह दी?
रूटीन सुधारने और मेहनत बढ़ाने की।
मेहरा ने पांच विकेट लेकर क्या प्रतिक्रिया दी?
भावुक होकर ज़मीन पर मुट्ठी मारी।









