क्रिकेट कभी-कभी ऐसी कहानी लिख देता है जिस पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। इस समय Jammu and Kashmir cricket team ठीक उसी मोड़ पर खड़ी है। रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल में टीम ने ऐसा खेल दिखाया है कि अब वे अपने पहले फाइनल से सिर्फ 83 रन दूर हैं।
शुरुआत
मैच की शुरुआत में सब कुछ Bengal cricket team के पक्ष में जाता हुआ दिख रहा था। पहली पारी में उन्होंने बढ़त हासिल की और लगा कि मुकाबला उनके कंट्रोल में है। लेकिन तीसरे दिन का खेल पूरी तरह से कहानी बदल देने वाला साबित हुआ।
शमी शो
सुबह के सेशन में Mohammed Shami ने कमाल की गेंदबाजी की। उन्होंने 22.1 ओवर में 90 रन देकर 8 विकेट झटके, जो उनके करियर का बेस्ट फर्स्ट क्लास प्रदर्शन रहा। सीम और स्विंग का ऐसा मिश्रण था कि जम्मू-कश्मीर के बल्लेबाज संभल ही नहीं पाए। उनकी बदौलत टीम 302 रन पर सिमट गई और बंगाल को 26 रन की अहम बढ़त मिल गई।
पलटवार
उस समय लग रहा था कि मैच अब एकतरफा हो सकता है। लेकिन क्रिकेट की असली खूबसूरती यही है कि यहां हर सेशन नई कहानी लिखता है।
दूसरी पारी में बंगाल की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ा गई। सिर्फ 20 ओवर के अंदर स्कोर 77 रन पर 6 विकेट हो गया। दबाव इतना ज्यादा था कि बल्लेबाज खुलकर खेल ही नहीं पाए।
पतन
चाय तक हालत और खराब हो चुकी थी और पूरी टीम सिर्फ 99 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 126 रन का लक्ष्य मिला। सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में यह लक्ष्य छोटा जरूर है, लेकिन दबाव इसे मुश्किल बना सकता है।
निराशा
बंगाल के बल्लेबाजों से उम्मीद थी कि वे जिम्मेदारी निभाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। Abhimanyu Easwaran सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए। Sudip Chatterjee बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। अनुभवी Anustup Majumdar भी टिक नहीं पाए। मिडिल ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप रहा और टीम अपनी ही बढ़त का फायदा नहीं उठा सकी।
दबदबा
जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों ने यहां से मैच पर पकड़ बना ली। तेज गेंदबाजों ने लाइन और लेंथ इतनी सटीक रखी कि रन बनाना मुश्किल हो गया। टीम का आत्मविश्वास हर विकेट के साथ बढ़ता गया।
उम्मीद
दिन खत्म होने तक जम्मू-कश्मीर ने दूसरी पारी में 43 रन बना लिए थे और सिर्फ 2 विकेट गंवाए। अब उन्हें जीत के लिए 83 रन चाहिए। क्रीज पर मौजूद बल्लेबाजों ने समझदारी दिखाई और छोटी लेकिन अहम साझेदारी की, जिससे ड्रेसिंग रूम का माहौल सकारात्मक बना हुआ है।
आत्मविश्वास
पूरे टूर्नामेंट में टीम ने अनुशासन और धैर्य दिखाया है। गेंदबाजी संतुलित रही है और बल्लेबाज सही समय पर जिम्मेदारी लेते नजर आए हैं। यही कारण है कि वे अब इतिहास के इतने करीब खड़े हैं।
अंतिम परीक्षा
अब असली परीक्षा चौथे दिन की सुबह होगी। अगर टॉप ऑर्डर टिक गया और घबराहट से बचा रहा, तो यह जीत ज्यादा दूर नहीं दिखती। लेकिन क्रिकेट में एक खराब सेशन भी सब कुछ बदल सकता है।
सुनहरा मौका
बंगाल के लिए यह हार काफी निराशाजनक हो सकती है, खासकर तब जब उनके पास पहली पारी की बढ़त थी। लेकिन यही तो खेल का रोमांच है। जो टीम मौके को पकड़ लेती है, वही आगे बढ़ती है।
जम्मू-कश्मीर के पास अब सुनहरा मौका है। अगर वे इस लक्ष्य को हासिल कर लेते हैं, तो यह उनके क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा पल होगा और वे पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना लेंगे।
FAQs
J&K को कितने रन चाहिए?
उन्हें जीत के लिए 83 रन चाहिए।
बंगाल का स्कोर कितना था?
दूसरी पारी में 99 रन।
शमी ने कितने विकेट लिए?
8 विकेट 90 रन देकर।
नबी का प्रदर्शन कैसा रहा?
4 विकेट 36 रन देकर।
लक्ष्य कितना है?
जम्मू-कश्मीर को 126 रन का लक्ष्य।









