क्रांति गौड़ ने भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतकर नाम रोशन किया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी जीत मैदान से बाहर हुई। ये कहानी है एक बेटी की जो सिर्फ देश नहीं, अपने परिवार की इज़्ज़त भी वापस लेकर आई।
पिता की बहाली
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि क्रांति के पिता मुन्ना सिंह गौड़ को पुलिस कांस्टेबल के पद पर दोबारा बहाल किया जाएगा। उन्होंने कहा, “अब उन्हें सम्मान के साथ रिटायर होने का हक है।”
2012 की घटना
मुन्ना सिंह को 2012 में चुनाव ड्यूटी के दौरान एक गलती के आरोप में निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद परिवार पर आर्थिक तंगी आ गई। क्रांति ने बताया कि कई बार एक वक्त का खाना भी मुश्किल हो जाता था।
अब बनेगा स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने छतरपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया स्टेडियम बनाने की घोषणा की — ताकि गांव की बेटियों को भी बेहतर प्लेटफ़ॉर्म मिल सके। यह स्टेडियम क्रांति जैसे खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रेरणा बनेगा।
चार महीने की प्रेरणा
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले टीम मंदिर गई थी, जहां एक महिला ने अपनी नवजात बच्ची को महिला क्रिकेटर बनाने की कामना की। क्रांति बताती हैं, “वो पल हमारी पूरी टीम को अंदर तक छू गया — और हमने ठान लिया था कि अब हार नहीं माननी।”
परिवार और कोच का सम्मान
खेल मंत्री विश्वास सारंग ने भी कहा कि इस जीत में सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि उनके माता-पिता और कोच की मेहनत भी शामिल है। उन्हें भी राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया।
15 नवंबर का बड़ा दिन
राज्य सरकार 15 नवंबर को ‘आदिवासी गौरव दिवस’ के मौके पर भव्य जन-उत्सव का आयोजन करेगी। इस इवेंट में क्रांति को पब्लिकली सम्मानित किया जाएगा।
घोषणाओं की झलक
- क्रांति के पिता की सरकारी नौकरी बहाल
- छतरपुर में इंटरनेशनल स्टेडियम का ऐलान
- परिवार और कोच को सम्मान
- 15 नवंबर को जन-उत्सव में विशेष सम्मान
क्रांति गौड़ की जीत सिर्फ वर्ल्ड कप की ट्रॉफी नहीं, बल्कि उस संघर्ष और समर्पण की है जिसने एक परिवार की इज़्ज़त वापस दिलाई। ये कहानी दिखाती है कि जब बेटियाँ उड़ान भरती हैं, तो पूरा परिवार ऊँचा उठता है।
FAQs
क्या क्रांति गौड़ के पिता की नौकरी बहाल हुई?
हां, मुख्यमंत्री ने उनकी बहाली की घोषणा की है।
क्रांति गौड़ किस राज्य से हैं?
वे मध्यप्रदेश के छतरपुर की रहने वाली हैं।
क्रांति को किस बात ने प्रेरित किया?
एक मां की बेटी को क्रिकेटर बनाने की इच्छा ने प्रेरित किया।
क्या क्रांति के लिए स्टेडियम बनेगा?
हां, छतरपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनेगा।
क्रांति को सार्वजनिक सम्मान कब मिलेगा?
15 नवंबर को आदिवासी गौरव दिवस पर मिलेगा।








