कुलदीप यादव की फिरकी का जलवा – पहले दिन की बॉलिंग ने जगा दी पुरानी यादें

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Kuldeep Yadav

कभी भारत की स्पिन गेंदबाज़ी फ्लाइट, गूगली और टेम्पो से पहचानी जाती थी। लेकिन जब आज के दौर में ज़्यादातर स्पिनर पिच से टर्न पर निर्भर रहते हैं, ऐसे में कुलदीप यादव की गेंदबाज़ी एक ताज़ा हवा की तरह लगी।

पहले दिन की चमक

ईडन गार्डन्स की पिच खास टर्निंग नहीं थी, लेकिन कुलदीप ने पहले दिन 3 विकेट (3/48) लेकर दिखा दिया कि क्लासिक रिस्ट स्पिन अभी भी मैच बदल सकती है — बस आपको मौके और भरोसे की ज़रूरत है।

वापसी की कहानी

2017 में धर्मशाला में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू करने वाले कुलदीप अब तक सिर्फ 17 टेस्ट खेल पाए हैं। इसका कारण चयन में भरोसे की कमी रहा है, लेकिन जब भी मौका मिला, उन्होंने खुद को साबित किया।

आंकड़ों की बात करें तो:

भारत में खेले 13 टेस्ट में 21.60 की औसत से 57 विकेट।
विदेश में सिर्फ 4 टेस्ट, लेकिन औसत और बेहतर — 19.55 से 17 विकेट।
कुल 74 विकेट — और वो भी बिना लगातार मौके के।

पिच और प्लानिंग

शनिवार को जो पिच थी, वो लाल मिट्टी की थी — अच्छी उछाल, बैटिंग के लिए आसान। लेकिन कुलदीप ने अपने फ्लाइट और ड्रिफ्ट से बैटरों को फंसाया। उनकी गेंदबाज़ी देखकर लगा जैसे वो हर डिलीवरी से कहानी बुन रहे हों।

कुंबले की सीख

अनिल कुंबले ने एक बार कहा था कि लाल मिट्टी पर कुलदीप को उछाल और स्पीड मिलती है, लेकिन काली मिट्टी पर वो अपनी लेंथ खो देते हैं। यानी कुलदीप को अब यह सीख समझ आ गई है कि पिच के हिसाब से कैसे खुद को ढालना है।

टीम की रणनीति में फिट

फील्डिंग कोच रयान टेन डोएशेट ने कहा, “पहले दिन अगर कोई wrist spinner विकेट दिला दे, तो ये टीम के लिए बहुत बड़ा बोनस होता है।” यानी टीम को अब समझ आ रहा है कि कुलदीप सिर्फ टर्निंग ट्रैक का स्पिनर नहीं है।

तीन विकेट, तीन कहानियाँ

  • पहला – रयान रिकेल्टन को गूगली पर स्लिप में कैच।
  • दूसरा – वियान मुल्डर को धीमी गेंद पर पुल करते हुए आउट।
  • तीसरा – ट्रिस्टन स्टब्स, जो सेट हो चुके थे, फ्लाइट और ड्रिफ्ट में फंसकर स्लिप में आउट।

स्टब्स ने भी माना कि ईडन की पिच बेहतर थी, लेकिन कुलदीप ने उन्हें ड्रिफ्ट से चकमा दे दिया।

आंकड़े जो सब कहते हैं:

  • भारत में: 13 टेस्ट, 57 विकेट, औसत 21.60
  • विदेश में: 4 टेस्ट, 17 विकेट, औसत 19.55
  • कुल: 17 टेस्ट, 74 विकेट, औसत ~21

फिरकी की विरासत

कुलदीप की बॉलिंग हमें उस दौर की याद दिलाती है जब चंद्रशेखर, कुंबले और हरभजन जैसे फिरकी के उस्ताद मैदान में होते थे। फर्क बस इतना है — अब पिच ज़्यादा मदद करती है, लेकिन कुलदीप पिच से ज़्यादा अपने हुनर से विकेट निकालते हैं।

कुलदीप की गेंदें एक कहानी सुनाती हैं — हर फ्लाइट, हर टर्न, हर ड्रिफ्ट में क्लास दिखता है। अगर भारतीय टीम उन्हें लगातार मौके दे, तो वो अकेले दम पर टेस्ट मैच पलट सकते हैं। उन्हें अब जरूरत है सिर्फ भरोसे की — जो उन्होंने बार-बार कमाया है।

FAQs

कुलदीप यादव ने कितने टेस्ट खेले हैं?

अब तक कुल 17 टेस्ट खेले हैं।

भारत में कुलदीप का टेस्ट औसत क्या है?

भारत में उनका औसत 21.60 है।

विदेश में कुलदीप का औसत क्या है?

विदेश में औसत 19.55 है।

कुलदीप की सबसे बेहतरीन विकेट कौन सी थी?

ट्रिस्टन स्टब्स का विकेट सबसे बेहतरीन था।

कुलदीप को किसने डेब्यू कराया था?

अनिल कुंबले के कोच रहते डेब्यू हुआ था।

Ehtesham Aarif

Ehtesham Arif is a cricket content writer at SportsJagran.com with over 2 years of experience. He specializes in match previews, player analysis, and tournament coverage. His deep interest in the game reflects in his accurate and engaging reporting.

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