हरारे के मैदान पर शुक्रवार को खेले गए पहले वनडे में रोमांच अपने चरम पर था। श्रीलंका और ज़िम्बाब्वे के बीच यह मुकाबला आखिरी ओवर तक गया, जहां दिलशान मदुशंका ने हैट्रिक लेकर खेल की पूरी तस्वीर पलट दी।
आखिरी ओवर का ड्रामा
ज़िम्बाब्वे को जीत के लिए आखिरी ओवर में सिर्फ 10 रन चाहिए थे। पहली ही गेंद पर सिकंदर रज़ा को बोल्ड कर मदुशंका ने टीम इंडिया के फैंस को भी याद दिला दिया कि कैसे एक ओवर में इतिहास पलट सकता है। अगली दो गेंदों पर ब्रैड इवांस और रिचर्ड एनगारवा आउट हुए और हैट्रिक पूरी हो गई। आखिरी गेंदों तक टोनी मुयॉन्गा संघर्ष करते रहे लेकिन 9 रन नहीं बना सके।
ज़िम्बाब्वे की पारी
292 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत बेहद खराब रही। पहले ही ओवर में ब्रायन बेनेट और ब्रेंडन टेलर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। सीन विलियम्स और बेन कर्रन ने वापसी की कोशिश की और 118 रन जोड़े। दोनों ने फिफ्टी जमाई, लेकिन बीच के ओवरों में विकेटों की झड़ी लग गई।
रज़ा-मुयॉन्गा की साझेदारी
जब लगा कि ज़िम्बाब्वे की पारी खत्म होने वाली है, तब सिकंदर रज़ा और टोनी मुयॉन्गा ने 138 रन की साझेदारी कर मैच को सांस रोक देने वाली स्थिति में ला दिया। रज़ा ने 87 गेंदों पर 92 रन बनाए, लेकिन आखिरी ओवर में आउट होते ही ज़िम्बाब्वे की उम्मीदें भी खत्म हो गईं।
श्रीलंका की पारी
टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाज़ी करते हुए श्रीलंका ने 298 रन बनाए। पथुम निसंका ने 76 रन की पारी खेली। बीच में टीम लड़खड़ा गई थी लेकिन जनिथ लियानागे और कमिंदु मेंडिस ने मोर्चा संभाला। दोनों ने सिर्फ 83 गेंदों में 137 रन जोड़ दिए और स्कोर को 300 के करीब पहुंचा दिया।
नतीजा और बढ़त
आखिरकार, श्रीलंका ने इस मुकाबले को 7 रन से जीत लिया और तीन मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली। रज़ा की फाइटिंग पारी और मुयॉन्गा की मेहनत बेकार गई, लेकिन मुकाबला दर्शकों को एक शानदार क्रिकेट शाम दे गया।
संक्षिप्त स्कोर:
- श्रीलंका: 298/6 (निसंका 76, लियानागे 70*; एनगारवा 2/34)
- ज़िम्बाब्वे: 291/8 (रज़ा 92, कर्रन 70; मदुशंका 4/62, फर्नांडो 3/50)
- परिणाम: श्रीलंका 7 रन से जीता