टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से ठीक पहले अफ़ग़ानिस्तान के कप्तान राशिद ख़ान ने एक ऐसी बात कही, जो ट्रॉफी और रिकॉर्ड से कहीं आगे जाती है। उनके लिए सबसे बड़ा सपना वर्ल्ड कप जीतना नहीं, बल्कि अफ़ग़ान ज़मीन पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते देखना है।
“अपने देश में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलना वर्ल्ड कप से भी बड़ा है। मेरे लिए, टीम के लिए और हर अफ़ग़ान के लिए – ये सिर्फ़ सपना नहीं, पहचान है,” राशिद के शब्दों में एक खिलाड़ी से ज़्यादा एक देश की आवाज़ झलकती है।
फैन
यह सपना सिर्फ़ राशिद का नहीं है। यह उन लाखों अफ़ग़ान फैंस का सपना है, जो टीम जहां भी खेलती है, उसके साथ खड़े रहते हैं। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ मुकाबले के दौरान भी यही नज़ारा देखने को मिला।
काबुल से आए समर्थक पारंपरिक कपड़ों और अफ़ग़ान जर्सी में पूरे जोश के साथ स्टैंड्स में मौजूद थे। मैच आख़िरी ओवरों तक गया, न्यूज़ीलैंड लक्ष्य के करीब पहुंचा, लेकिन अफ़ग़ान फैंस का शोर और भरोसा कम नहीं हुआ।
उम्मीद
स्टैंड्स में एक ही जुमला बार-बार सुनाई देता रहा – “इंशाल्लाह, एक दिन…”
अफ़ग़ान फैन जवाद अहमदी कहते हैं, “अपने देश में क्रिकेट खेलना हर अफ़ग़ान का सपना है। हम चाहते हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में पहला इंटरनेशनल मैच भारत के खिलाफ हो। भारत हमारे लिए भाई जैसा है, और इस वर्ल्ड कप में वह हमारी दूसरी पसंदीदा टीम है।”
उनकी बातों में शिकायत नहीं, सिर्फ़ इंतज़ार है।
जज़्बा
अफ़ग़ानिस्तान ने एक देश के तौर पर बहुत कुछ झेला है। लेकिन क्रिकेट वहां सिर्फ़ खेल नहीं, बल्कि उम्मीद का ज़रिया बन चुका है। जवाद मुस्कुराते हुए कहते हैं, “हमारे देश में क्रिकेट हर दिन बढ़ रहा है। हां, भारत के लेवल तक पहुंचने में समय लगेगा, लेकिन हम क्रिकेट को लेकर उतने ही दीवाने हैं जितने आप लोग।”
उनके लिए क्रिकेट जश्न है, राहत है और भविष्य की एक झलक भी।
तरक़्क़ी
पिछले T20 वर्ल्ड कप में अफ़ग़ानिस्तान का सेमीफाइनल तक पहुंचना इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल है। अब यह टीम सिर्फ़ अंडरडॉग नहीं रही। हर टूर्नामेंट में उनका आत्मविश्वास, तैयारी और मैच अवेयरनेस साफ दिखती है।
छोटे कदमों से सही, लेकिन अफ़ग़ान क्रिकेट लगातार आगे बढ़ रहा है।
बहस
अफ़ग़ान क्रिकेट की पहचान को लेकर एक दिलचस्प बहस भी अक्सर सुनने को मिलती है – राशिद ख़ान या मोहम्मद नबी?
जवाद के लिए जवाब साफ़ है। उनके मुताबिक राशिद हीरो हैं, जिन्होंने अफ़ग़ानिस्तान का झंडा दुनिया भर में ऊंचा किया, सुविधाएं बेहतर करने में मदद की और बच्चों को क्रिकेट की ओर खींचा।
लेकिन उनके दोस्त अब्दुल, जो क्लब क्रिकेट खेलते हैं, थोड़ा अलग नज़रिया रखते हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने क्रिकेट मोहम्मद नबी की वजह से शुरू किया। नबी की पीढ़ी ने बिना सुविधाओं के रास्ता बनाया और हार नहीं मानी – यही असली प्रेरणा है।
मायने
आज राशिद ख़ान अफ़ग़ान क्रिकेट का चेहरा हैं।
मोहम्मद नबी उसकी नींव।
और इन दोनों के बीच खड़ा है एक देश का सपना –
कि एक दिन अफ़ग़ानिस्तान अपने घर में, अपने लोगों के सामने,
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेले।
शायद उसी दिन यह सपना सिर्फ़ राशिद का नहीं रहेगा, बल्कि अफ़ग़ान क्रिकेट की सबसे बड़ी जीत बन जाएगा।
FAQs
राशिद ख़ान का सबसे बड़ा सपना क्या है?
अफ़ग़ानिस्तान की धरती पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट देखना।
अफ़ग़ान फैंस किस टीम को अपना भाई मानते हैं?
भारत को, जिसे वे दूसरी पसंदीदा टीम मानते हैं।
अफ़ग़ानिस्तान पिछली T20 वर्ल्ड कप में कहां तक पहुंचा था?
टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी।
अफ़ग़ान क्रिकेट के शुरुआती नायक कौन माने जाते हैं?
पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी।
अफ़ग़ान फैंस के लिए क्रिकेट क्या मायने रखता है?
यह उनके लिए उम्मीद और जश्न का ज़रिया है।









