रिंकू सिंह बोले – सिर्फ फिनिशर नहीं, हर रोल निभा सकता हूं, T20 वर्ल्ड कप स्क्वाड में जगह पर जताई खुशी

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Rinku Singh

रिंकू सिंह का टीम इंडिया के T20 वर्ल्ड कप स्क्वाड में चुना जाना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने इसे “किस्मत की बात” बताया और कहा कि इतने बड़े टूर्नामेंट में देश के लिए खेलना हर खिलाड़ी का सपना होता है। उनके मुताबिक, अगर सेलेक्शन न भी हो, तो खिलाड़ी को अपने गेम पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि यही चीज़ आगे चलकर फर्क बनाती है।

बहु-रोल खिलाड़ी

हालांकि रिंकू को अब तक ज़्यादातर लोग ‘फिनिशर’ के तौर पर जानते हैं, लेकिन उनका मानना है कि वो इससे कहीं ज़्यादा हैं। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में पावरप्ले में भी बल्लेबाज़ी की है और तीनों अर्धशतक शुरुआती ओवर्स में आए हैं। रिंकू का कहना है कि वो टीम के लिए कोई भी रोल निभाने को तैयार हैं।

फॉर्म

हाल ही में विजय हज़ारे ट्रॉफी में उन्होंने दो शानदार पारियां खेलीं — 67 (48) बनाम हैदराबाद और 57* (30) बनाम विदर्भ। वहीं रणजी ट्रॉफी में भी उनका फॉर्म अच्छा रहा है। हां, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन थोड़ा फीका रहा, लेकिन उनका कहना है कि रन बनाना आत्मविश्वास बढ़ाता है और वर्ल्ड कप जैसे मौके पर यही काम आता है।

कप्तानी का अनुभव

रिंकू ने हाल ही में उत्तर प्रदेश की कप्तानी भी की है। उन्होंने बताया कि कप्तानी के चलते उन पर कोई अतिरिक्त दबाव नहीं था क्योंकि टीम के खिलाड़ी एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते हैं और टीम में अच्छा तालमेल है।

टेस्ट क्रिकेट की चाह

रिंकू सिर्फ सफेद गेंद तक सीमित नहीं रहना चाहते। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि वो टेस्ट क्रिकेट भी खेलें, क्योंकि वही असली क्रिकेट है। उन्होंने ये भी बताया कि वो दोनों फॉर्मेट्स में मेहनत कर रहे हैं और अब फैसला सेलेक्टर्स का है।

बेंच पर बैठना

कभी-कभी टीम में जगह ना मिलना मुश्किल होता है, लेकिन रिंकू इसे समझदारी से लेते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार टीम कॉम्बिनेशन की वजह से खिलाड़ी बाहर बैठ जाता है, लेकिन इससे हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। खुद पर भरोसा बनाए रखना सबसे ज़रूरी है।

भविष्य

रिंकू सिंह अब टीम इंडिया के स्क्वाड का अहम हिस्सा हैं और उनसे उम्मीदें भी वैसी ही हैं। उनकी बहु-रोल निभाने की क्षमता, आत्मविश्वास और टेस्ट क्रिकेट को लेकर जुनून उन्हें एक ऑलराउंड क्रिकेटर के रूप में मजबूत बनाता है। आने वाले समय में रिंकू सिर्फ एक फिनिशर नहीं, बल्कि टीम के हर रोल में फिट बैठने वाला खिलाड़ी बन सकते हैं।

FAQs

क्या रिंकू सिंह सिर्फ फिनिशर हैं?

नहीं, वे पावरप्ले में भी रन बना चुके हैं।

रिंकू का टेस्ट क्रिकेट खेलने का सपना है?

हाँ, उनका सपना है टेस्ट क्रिकेट खेलना।

उन्होंने विजय हज़ारे में कैसा प्रदर्शन किया?

हैदराबाद के खिलाफ 67 और विदर्भ के खिलाफ 57* रन बनाए।

कप्तानी करते हुए क्या दबाव था?

नहीं, टीम एकजुट थी, जिससे कोई दबाव महसूस नहीं हुआ।

बाहर बैठने पर रिंकू क्या सोचते हैं?

कॉम्बिनेशन की वजह से होता है, खुद पर विश्वास ज़रूरी है।

Ehtesham Aarif

Ehtesham Arif is a cricket content writer at SportsJagran.com with over 2 years of experience. He specializes in match previews, player analysis, and tournament coverage. His deep interest in the game reflects in his accurate and engaging reporting.

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