2024 भारतीय महिला क्रिकेट के लिए खास रहा – और इस पूरे साल की पहचान अगर किसी एक नाम से जुड़ी हो सकती है, तो वो है स्मृति मंधाना। तीनों फॉर्मेट्स में 1,703 रन बनाकर उन्होंने नया रिकॉर्ड बनाया और पहली बार भारत को महिला ODI वर्ल्ड कप जिताया।
RCB के लिए WPL जीतना, और फिर अगली बार टीम को एक बार फिर टेबल टॉपर बनाकर फाइनल में पहुंचाना – ये सब कुछ साबित करता है कि मंधाना सिर्फ रन मशीन नहीं, बल्कि एक चैंपियन लीडर भी बन चुकी हैं।
तैयारी
WPL 2024 के बीच मंधाना ने TOI से बातचीत में साफ कहा कि यह टूर्नामेंट सिर्फ प्रैक्टिस का मौका नहीं, बल्कि वर्ल्ड कप की असली तैयारी है। उन्होंने बताया कि पिछले साल वनडे फोकस था, लेकिन WPL के जरिए खिलाड़ी T20 मोड में शिफ्ट हो पाए।
उनके अनुसार, WPL ने खिलाड़ियों को स्किल शार्प करने के साथ-साथ दबाव झेलने की आदत भी डाली है – जो वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में बेहद काम आती है।
प्रेशर
मंधाना के मुताबिक WPL महिला क्रिकेट के लिए वरदान है। खिलाड़ियों को अब बड़े स्टेडियम, भारी भीड़ और हाई-प्रेशर मुकाबलों की आदत हो चुकी है। कप्तानी और उपकप्तानी दोनों ही रोल्स में उन्हें इस अनुभव से बहुत फायदा हुआ।
गैप
पहले घरेलू क्रिकेट से इंटरनेशनल क्रिकेट तक का गैप बहुत बड़ा होता था। लेकिन अब WPL उस अंतर को भरता है। विदेशी खिलाड़ियों से सीखने, बातचीत करने और खुद का आंकलन करने का यह एक शानदार प्लेटफॉर्म बन चुका है।
सफ़र
RCB को दो बार फाइनल तक लाना आसान नहीं था। मंधाना मानती हैं कि इसमें सपोर्ट स्टाफ और मैनेजमेंट का बड़ा हाथ है। टीम की तैयारी और प्लानिंग पहले से तय रहती है – और यही टीम की स्थिरता की वजह भी है।
सीख
पांच लगातार जीत के बाद मिली दो हार पर उन्होंने कहा कि हार आपको वो चीजें दिखा देती है जो जीत के दौरान छुप जाती हैं। टीम ने दोनों हार से सीखा और पॉजिटिव माहौल बनाए रखा।
युवा
गौतमी नाइक और प्रेमा यादव ने मंधाना को काफी प्रभावित किया है। गौतमी अनकैप्ड होने के बावजूद फिफ्टी जमाने वाली पहली खिलाड़ी बनीं, और प्रेमा एक बेहतरीन लेग स्पिनर के साथ-साथ जबरदस्त फील्डर भी हैं।
नज़रिया
जब मंधाना अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ा स्कोर नहीं बना पातीं, तो उन्हें खुद पर गुस्सा आता है। उनका मानना है कि अगर आउट होना ही है, तो शुरुआत में हो जाओ – कम से कम टीम को उम्मीद नहीं टूटती।
वो कहती हैं, “0 बनाओ या 100 – अगली सुबह जिम तो जाना ही है।”
फोकस
फाइनल से पहले उनका प्लान सिंपल है – ओवरथिंक नहीं करना। हर मैच की तरह तैयारी करना और वही दोहराना जो अब तक सही साबित होता आया है। रणनीति साफ हो, प्लानिंग क्लीयर हो – यही अब तक की सफलता की कुंजी रही है।
प्रेरणा
आज स्मृति मंधाना सिर्फ रन बनाने वाली खिलाड़ी नहीं रहीं। वो एक रोल मॉडल हैं – युवा खिलाड़ियों के लिए, क्रिकेट फैंस के लिए और खुद महिला क्रिकेट के लिए। उनके रिकॉर्ड्स, उनका रवैया और उनकी कप्तानी मिलकर एक नया अध्याय लिख रही है – भारतीय महिला क्रिकेट के स्वर्ण युग का।
FAQs
2024 में स्मृति मंधाना ने कितने रन बनाए?
सभी फॉर्मेट्स में 1,703 रन, महिला क्रिकेट में रिकॉर्ड।
WPL कैसे मदद करता है T20 वर्ल्ड कप की तैयारी में?
T20 मोड में वापसी और स्किल सुधार में अहम रोल।
WPL से इंटरनेशनल टीम में पहुंचने में कैसे मदद मिलती है?
घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बीच का अंतर भरता है।
RCB की दूसरी बार फाइनल में एंट्री कैसी रही?
टीम के निर्माण और रणनीति को श्रेय दिया।
मंधाना का फाइनल में जीत का मंत्र क्या है?
सिंपल रहो, ओवरथिंक मत करो — वही करो जो करते आए हो।









