IPL 2008 का सबसे विवादित मामला – हरभजन सिंह द्वारा श्रीसंत को थप्पड़ मारने की घटना – एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस बार इसकी वजह बनी है एक वीडियो फुटेज, जिसे पूर्व IPL चेयरमैन ललित मोदी और माइकल क्लार्क ने अपने पॉडकास्ट में शेयर किया है।
घटना की याद
यह घटना मुंबई इंडियंस और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच मुकाबले के बाद हुई थी, जब हरभजन ने गुस्से में आकर श्रीसंत को बैकहैंड से मारा था। श्रीसंत मैदान पर रोते दिखे थे और पूरा देश इस तस्वीर का गवाह बना। मैच के तुरंत बाद माहेला जयवर्धने और इरफान पठान जैसे खिलाड़ी उन्हें संभालने पहुंचे थे।
वीडियो कैसे आया सामने?
माइकल क्लार्क के पॉडकास्ट ‘Beyond23’ में ललित मोदी ने वह सिक्योरिटी कैमरा फुटेज शेयर किया, जो उन्होंने 17 साल से संभाल कर रखा था। फुटेज में घटना की पूरी झलक है – थप्पड़, रिएक्शन और आसपास मौजूद खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया।
भुवनेश्वरी की नाराज़गी
इस वीडियो के वायरल होते ही श्रीसंत की पत्नी भुवनेश्वरी कुमार ने इंस्टाग्राम पर अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने लिखा कि ये बेहद अमानवीय और दिल तोड़ने वाला है कि 17 साल पुरानी बात को सिर्फ व्यूज़ और पब्लिसिटी के लिए खींचा जा रहा है। उनका कहना था कि हरभजन और श्रीसंत अब पिता हैं, आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन इस तरह से पुराने घावों को कुरेदना एक गैर-जिम्मेदाराना हरकत है।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया
हरभजन सिंह कई बार इस घटना को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। उन्होंने इसे अपने करियर की सबसे बड़ी भूल माना है। वहीं श्रीसंत ने भी बीते वर्षों में इसे भूलने की बात कही है और दोनों फिर से एक-दूसरे के साथ भारतीय टीम में खेले भी हैं।
सोशल मीडिया का असर
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कुछ ने इसे सच्चाई सामने लाने वाला कदम कहा, तो कई लोगों ने इसे गैर-ज़रूरी ड्रामा बताया जो खिलाड़ियों और उनके परिवारों की निजी ज़िंदगी पर असर डाल सकता है।
क्या सीख मिलती है?
ये विवाद एक बार फिर यही दिखाता है कि खेल सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहता – उसका असर खिलाड़ियों की ज़िंदगी, रिश्तों और मानसिक स्थिति पर भी पड़ता है। और पुरानी गलतियों को दोहराना या उछालना, खासकर तब जब वो लोग आगे बढ़ चुके हों, खेल भावना के खिलाफ है।
नया दौर, नई सोच
आज का क्रिकेट दर्शक सिर्फ ड्रामा नहीं, गहराई और इंसानियत भी देखना चाहता है। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि मीडिया और पूर्व प्रशासक अपनी जिम्मेदारी समझें और खेल को जोड़ने वाला माध्यम ही बनाए रखें।