टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब उस मोड़ पर है जहां एक हार पूरे अभियान को खत्म कर सकती है। भारत, जिसे टूर्नामेंट से पहले खिताब का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, अब “टोटल डिजास्टर” से सिर्फ एक कदम दूर खड़ा है।
साउथ अफ्रीका से मिली हार ने अंक तालिका और नेट रन रेट दोनों को झटका दिया है। अब वापसी का रास्ता बेहद संकरा हो चुका है।
उलटफेर
इस टूर्नामेंट ने पहले ही दिखा दिया है कि टी20 में कुछ भी संभव है।
ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम बाहर हो चुकी है। इटली ने नेपाल को हराकर सबको चौंकाया। नेपाल ने इंग्लैंड को कड़ी टक्कर दी। साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच डबल सुपर ओवर तक मुकाबला गया।
यानी “फेवरेट” टैग यहां ज्यादा मायने नहीं रखता।
वेस्टइंडीज
सुपर 8 में वेस्टइंडीज सबसे खतरनाक टीम बनकर उभरी है। जिम्बाब्वे के खिलाफ 254/6 का विशाल स्कोर और 107 रन की जीत ने उनका नेट रन रेट भी मजबूत कर दिया है।
वे पहले ही ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, इटली और नेपाल को हरा चुके हैं। अब उनका सामना साउथ अफ्रीका और भारत से है।
भारत
भारत के लिए समीकरण साफ लेकिन कठिन है।
26 फरवरी को जिम्बाब्वे को हराना अनिवार्य है। 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ भी जीत जरूरी है। एक भी हार का मतलब सीधा बाहर होना है।
लेकिन दोनों मैच जीतने पर भी भारत को दूसरे नतीजों पर नजर रखनी पड़ सकती है। नेट रन रेट यहां निर्णायक बन सकता है।
दबाव
अब हर ओवर और हर रन की कीमत है। बल्लेबाजी में आक्रामक शुरुआत जरूरी है। मिडिल ऑर्डर को जिम्मेदारी निभानी होगी। डेथ ओवरों में गेंदबाजी पर नियंत्रण अनिवार्य है।
2024 में खिताब जीतने के बाद टीम पर उम्मीदों का दबाव भी ज्यादा है। लेकिन टी20 का सच यही है कि एक खराब दिन पूरी तस्वीर बदल देता है।
ग्रुप 2
दूसरे ग्रुप में भी स्थिति आसान नहीं है। बारिश से दो मैच धुल चुके हैं। इंग्लैंड के पास 2 अंक हैं, जबकि पाकिस्तान, न्यूजीलैंड और श्रीलंका कड़ी टक्कर में हैं।
एक गलत नतीजा वहां भी किसी टीम को बाहर कर सकता है।
सेमीफाइनल
सेमीफाइनल के वेन्यू भी संभावित क्वालीफायर पर निर्भर हैं। अगर पाकिस्तान क्वालीफाई करता है, तो कोलंबो में मैच हो सकता है। अगर वह बाहर होता है, तो कोलकाता और मुंबई विकल्प बन सकते हैं।
इससे साफ है कि टूर्नामेंट का हर नतीजा आगे की योजना को प्रभावित करेगा।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 अब अप्रत्याशितता का दूसरा नाम बन चुका है। वेस्टइंडीज लय में है, साउथ अफ्रीका आत्मविश्वास से भरा है और भारत को हर हाल में वापसी करनी है।
एक हार और सब खत्म। दो जीत और उम्मीद जिंदा।
अब देखना यह है कि टीम इंडिया दबाव में बिखरेगी या मजबूती के साथ जवाब देगी। क्रिकेट में यही अनिश्चितता इसे सबसे रोमांचक बनाती है।
FAQs
भारत को कितने मैच जीतने हैं?
दोनों शेष मैच जीतने होंगे।
एक हार का क्या असर?
भारत टूर्नामेंट से बाहर।
वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को कितने रन से हराया?
107 रन से।
सेमीफाइनल 1 कहां हो सकता है?
कोलंबो या कोलकाता।
क्या भारत अभी भी क्वालीफाई कर सकता है?
हाँ, लेकिन अन्य नतीजों पर निर्भर।









