विजय हजारे ट्रॉफी में विराट कोहली, शांति में भी चमकता क्लास

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Virat Kohli

Virat Kohli को आमतौर पर शोर, भीड़ और कोहली-कोहली के नारों के बीच खेलते देखा जाता है। लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी के इस मुकाबले में नज़ारा बिल्कुल अलग था। ना भरी हुई स्टैंड्स थीं, ना टीवी कैमरे, सिर्फ कुछ सौ दर्शक जो मैदान के बाहर खड़े होकर इस पल को देखना चाहते थे।

साधारण मैदान

यह मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम से दूर BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला गया। माहौल शांत था, लेकिन उसी शांति में कोहली ने दिखा दिया कि उनका बल्लेबाज़ी क्लास किसी भी मंच का मोहताज नहीं है।

रिकॉर्ड पारी

कोहली ने 101 गेंदों पर 131 रन बनाए, जिसमें 14 चौके और 3 छक्के शामिल थे। इस पारी के साथ उन्होंने पुरुषों की List A क्रिकेट में सबसे तेज़ 16,000 रन पूरे कर लिए। उन्होंने यह उपलब्धि 330वीं पारी में हासिल की, जबकि Sachin Tendulkar को इसके लिए 391 पारियां लगी थीं।

आसान लक्ष्य

कोहली की शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत दिल्ली ने आंध्र प्रदेश द्वारा दिए गए 299 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 37.4 ओवर में हासिल कर लिया। लक्ष्य बड़ा था, लेकिन जिस तरह से रन बने, मैच एकतरफा नजर आया।

आंध्र प्रयास

आंध्र की ओर से Ricky Bhui ने 105 गेंदों पर 122 रन बनाकर संघर्ष किया। उनके अलावा कोई बल्लेबाज़ लंबी पारी नहीं खेल सका। दिल्ली के लिए सिमरनजीत सिंह ने 5 विकेट लेकर गेंद से मुकाबले को पूरी तरह पलट दिया।

शानदार शुरुआत

कोहली ने अपनी पारी की शुरुआत तीसरी ही गेंद पर एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से छक्का लगाकर की। इसके बाद कवर ड्राइव, प्वाइंट के बीच से चौका और बैकफुट पंच से छक्का, हर शॉट में पुराना विराट दिख रहा था।

जीवनदान

इस पारी में कोहली को दो बार जीवनदान भी मिला। एक बार 32 रन पर और दूसरी बार 97 रन पर। लेकिन इन मौकों का उन्होंने पूरा फायदा उठाया और विपक्षी गेंदबाज़ों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

तेज़ रफ्तार

कोहली की हाफ सेंचुरी सिर्फ 39 गेंदों में पूरी हो गई। इसके बाद उन्होंने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए पारी को संभाला और फिर जरूरत पड़ने पर गियर बदल दिया। स्पिन के खिलाफ आगे निकलकर शॉट्स और तेज़ गेंदबाज़ों पर पुल और ड्राइव, सब कुछ संतुलन के साथ दिखा।

मजबूत साथ

कोहली को प्रियांश आर्य और नितीश राणा से शानदार सहयोग मिला। दोनों ने अर्धशतक जमाए और रन चेज़ को कभी दबाव में नहीं आने दिया। कोहली 131 रन पर आउट हुए, लेकिन तब तक मैच दिल्ली के पक्ष में जा चुका था।

खामोश गूंज

इस पारी की सबसे खास बात स्टेडियम की शांति थी। सिर्फ बल्ले से गेंद की आवाज़, कोई DJ नहीं, कोई कैमरा नहीं। उसी खामोशी में विराट कोहली का क्लास गूंजता रहा और यह साबित हुआ कि रोशनी कम हो या माहौल सादा, उनका खेल आज भी उसी ऊंचाई पर खड़ा है।

FAQs

विराट कोहली ने कितनी गेंदों में सेंचुरी मारी?

उन्होंने 101 गेंदों में 131 रन बनाए।

उन्होंने 16,000 लिस्ट A रन कितनी पारियों में पूरे किए?

330 पारियों में ये उपलब्धि हासिल की।

दिल्ली ने लक्ष्य कितने ओवर में हासिल किया?

दिल्ली ने 37.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

किस गेंदबाज़ ने 5 विकेट लिए?

दिल्ली के सिमरनजीत सिंह ने 5 विकेट झटके।

मैच में दर्शकों की संख्या कितनी थी?

मैदान पर लगभग 100 लोग ही मौजूद थे।

Ehtesham Aarif

Ehtesham Arif is a cricket content writer at SportsJagran.com with over 2 years of experience. He specializes in match previews, player analysis, and tournament coverage. His deep interest in the game reflects in his accurate and engaging reporting.

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